RBI की कार्रवाई से खलबली, इस बैंक का लाइसेंस रद्द, क्या डूब जाएगा खाताधारकों का पैसा? जानें नियम
RBI Canceled The License Of Karwar Urban Co-Operative Bank.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 23 जुलाई 2025 को कर्नाटक स्थित करवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (Karwar Urban Co-operative Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया है. इस फैसले का असर सीधे तौर पर बैंक के ग्राहकों पर पड़ेगा. अगर आपका खाता भी इस बैंक में है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. आइए समझते हैं, कि आरबीआई ने यह कदम क्यों उठाया, और ग्राहकों को अब क्या राहत मिलेगी.

क्यों रद्द हुआ बैंक का लाइसेंस?

आरबीआई ने यह कार्रवाई बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति के चलते की है. रिजर्व बैंक के मुताबिक बैंक के पास आगे कारोबार जारी रखने या मुनाफा कमाने की कोई स्पष्ट संभावना नहीं थी. साथ ही बैंक बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की शर्तों को भी पूरा नहीं कर पा रहा था. इस कारण अब यह बैंक किसी भी तरह का बैंकिंग लेनदेन नहीं कर सकेगा.

ग्राहकों को मिलेगा पैसा

आरबीआई ने जानकारी दी है, कि बैंक के करीब 92.9% खाताधारकों को उनकी जमा की गई पूरी राशि वापस मिल जाएगी, लेकिन यह पैसा अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सीमा में ही मिलेगा. यह राशि डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत दी जाती है. अब तक खाताधारकों को करीब 37.79 करोड़ रुपये की राशि लौटाई जा चुकी है.

डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन नियम क्या कहता है?

जब किसी बैंक का लाइसेंस रद्द होता है, या बैंक डूब जाता है, तो डीआईसीजीसी खाताधारकों को उनकी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस कवरेज देता है. यह राशि बैंक में मौजूद सेविंग्स, फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit), करंट अकाउंट (Current Account) आदि सभी खातों को जोड़कर दी जाती है. अगर आपकी जमा 5 लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी राशि वापस मिल जाएगी. लेकिन अगर आपकी जमा राशी 5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो आपको सिर्फ 5 लाख रुपये तक ही वापस मिलेगा, बाकी राशि डूब सकती है.

अब ग्राहकों को क्या करना होगा?

अगर आपका खाता इस बैंक में है, तो आप अपनी जमा राशि का दावा डीआईसीजीसी द्वारा अधिकृत किसी भी माध्यम से कर सकते हैं. इसके लिए बैंक और डीआईसीजीसी की ओर से निर्देश जारी किए जाते हैं, जिन्हें ध्यान से पढ़कर और सही समय पर आवेदन करके आप अपना पैसा वापस पा सकते हैं.

अगर आप करवार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहक हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आरबीआई की निगरानी और डीआईसीजीसी के नियमों के तहत आपको 5 लाख रुपये तक की राशि सुरक्षित मिलेगी. ऐसे मामलों में ग्राहकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने उचित व्यवस्था कर रखी है.