रीवा में आवास योजना में घूस की मांग, 12 ग्राम रोजगार सहायकों की सेवाएं समाप्त
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घूस की मांग किए जाने का खुलासा हुआ है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हेल्प लाइन को आई शिकायतों का जिक्र करते हुए 12 रोजगार सहायकों को सेवा से हटा दिया है, वहीं तीन सौ रोजगार सहायकों की वेतन कटौती की है.
भोपाल, 13 अक्टूबर : मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घूस की मांग किए जाने का खुलासा हुआ है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हेल्प लाइन को आई शिकायतों का जिक्र करते हुए 12 रोजगार सहायकों को सेवा से हटा दिया है, वहीं तीन सौ रोजगार सहायकों की वेतन कटौती की है. मुख्यमंत्री चौहान ने रीवा जिले की समीक्षा करते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति है. गरीब का पैसा खाने वालों को शासकीय सेवा में रहने का अधिकार नहीं है. उन्हें सेवा से पृथक किया जाए. प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के दुरूपयोग पर नजर रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है.
साथ ही पहले चरण के स्वीकृत आवासों का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने असंतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि योजना में अनुचित राशि की मांग करने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए. बताया गया कि अनुचित राशि की मांग के संबंध में सीएम हेल्पलाइन को 696 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. जिले के 14 ग्राम रोजगार सहायकों को पद से पृथक किया गया है और 300 रोजगार सहायकों का एक सप्ताह का वेटन काटा गया है.
मुख्यमंत्री चौहान ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए रीवा जिले में शुरू किये गये किलकारी अभियान की उपलब्धि, सीएम हेल्पलाइन और स्वच्छता में बेहतर कार्य के लिए जिलाधिकारियों को बधाई दी. किलकारी अभियान में विशेष रूप से विकसित सॉफ्टवेयर पर हाई रिस्क गर्भवती माताओं को दर्ज कर उनकी आवश्यक स्वास्थ्य जांचें तथा समय रहते आवश्यक सलाह उपलब्ध कराई जा रही है. यह भी पढ़ें : दिल्ली उच्च न्यायालय ने पीएफआई नेता अबू बकर की जमानत अर्जी पर सुनवाई से इनकार किया
मुख्यमंत्री चौहान ने जल जीवन मिशन में अब तक मात्र 32 प्रतिशत परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिए जाने पर कलेक्टर से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की. बताया गया कि कार्य की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण संबंधित ठेकेदार पर नौ लाख रूपए की पेनाल्टी लगाई गई है. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जिले में मिशन के कार्य अधिक हैं और अमले की कमी है. समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए अन्य तकनीकी विभाग के कर्मचारियों का सहयोग भी लिया जाए. अधिकारी गांवों में जाकर कार्य की गुणवत्ता का निरीक्षण, परीक्षण करें. जन-प्रतिनिधियों को जोड़ते हुए जन-सहभागिता से मिशन की गतिविधियों को पूर्ण किया जाए. इस महत्वाकांक्षी योजना में हमें हर घर तक जल पहुंचाना है.
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नशे की गतिविधियां संचालित करने वालों को ध्वस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाए. जिले में नशे के विरूद्ध अभियान में 202 प्रकरण बनाए गए हैं. सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने के 160 प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा एक हुक्का बार बंद किया गया है. राशन वितरण में अनियमितता पर 10 एफआईआर और 2 कालाबाजारी के प्रकरण दर्ज किए गए हैं. साथ ही 4 विक्रेताओं को सेवा से पृथक किया गया है.
मुख्यमंत्री चौहान ने रीवा के हनुमना क्षेत्र में फर्जी विद्युत कनेक्शन देने वाले एक सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश दिए. साथ ही विद्युत आपूर्ति से संबंधित 10 हजार 416 शिकायतें प्राप्त होने पर नाराजगी व्यक्त की.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 13, 2022 04:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

