Delhi Missing Child: देश में लापता होने वाले बच्चों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही हैं. लेकिनदिल्ली पुलिस की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) से जुड़े दो पुलिसकर्मियों की मानवता और समर्पण भरी पहल ने बीते 11 महीनों में 223 लापता बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाने का काम किया है.
सहायक उप-निरीक्षक (ASI) निर्देश पंवार और राजदीप की इस सराहनीय कोशिश की पूरे देश में प्रशंसा हो रही है. इन दोनों की मेहनत और संवेदनशीलता के कारण कई बच्चे वर्षों बाद अपने परिवारों के गले लग पाए हैं. यह भी पढ़े: Bihar Missing Children Case: बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है बच्चो के लापता होने का मामला
कुछ इस तरह करते हैं काम
इनका अभियान दिल्ली के 70 से अधिक पुलिस थानों में फैला हुआ है. अपने मिशन के तहत इन्होंने जम्मू, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा तक की यात्रा की. कई बार उनके पास सिर्फ एक धुंधली तस्वीर, एक नाम या सालों पुराना केस होता था, लेकिन इन्होंने डिजिटल सुरागों, सोशल मीडिया, सीसीटीवी फुटेज और घर-घर जाकर पूछताछ के ज़रिए बच्चों को खोज निकाला.
अब तक राजदीप ने 112 निर्देश ने 111 बच्चों को मिलवाया
ASI राजदीप ने अब तक राजदीप ने 112 बच्चों को उनके परिवार मिलवाया तो वहीं निर्देश ने 111 बच्चों को मिलवाया
सराहनीय काम के लिए प्रोमोशन
इनकी इस असाधारण सेवा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दोनों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन देकर हेड कांस्टेबल से ASI पद पर पदोन्नत किया है.
ASI राजदीप ने कही दिल छु जाने वाली बात
ASI राजदीप कहते हैं कि जब एक मां अपने बच्चे को फिर से गले लगाती है, उस पल का कोई मोल नहीं होता। यही हमारी सबसे बड़ी जीत है.












QuickLY