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Cyclone Asani Update: दो दिन में अंडमान निकोबार तट पर दस्तक देगा चक्रवाती तूफान आसनी, NDRF हुई मुस्तैद, तीनों सेनाएं भी अलर्ट पर

चक्रवाती तूफान आसनी (Asani) के सोमवार (21 मार्च) तक अंडमान-निकोबार तट से टकराने की आशंका है. दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर और पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र 21 मार्च तक चक्रवाती तूफान में तेज होने की संभावना मौसम विभाग (IMD) ने जताई है.

Cyclone Asani Update: दो दिन में अंडमान निकोबार तट पर दस्तक देगा चक्रवाती तूफान आसनी, NDRF हुई मुस्तैद, तीनों सेनाएं भी अलर्ट पर
अंडमान निकोबार तट पर दस्तक देगा चक्रवात आसनी (Photo Credits: ANI)

Cyclonic Storm Asani Updates: चक्रवाती तूफान आसनी (Asani) के सोमवार (21 मार्च) तक अंडमान-निकोबार तट (Andaman And Nicobar) से टकराने की आशंका है. दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर और पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र 21 मार्च तक चक्रवाती तूफान में तेज होने की संभावना मौसम विभाग (IMD) ने जताई है. इसके पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है, एक अच्छी तरह से चिंहित निम्न दबाव का क्षेत्र बन जाएगा और आज (19 मार्च) सुबह दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर स्थित होगा. बंगाल की खाड़ी में बन रहा है चक्रवात, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की आशंका

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ-साथ लगभग उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, 20 मार्च की सुबह तक एक डिप्रेशन में और 21 मार्च को एक चक्रवाती तूफान में तेज होने की प्रबल संभावना है. जिसका नाम चक्रवाती तूफान ‘आसनी’ होगा. इसके बाद, चक्रवाती तूफान आसनी के लगभग उत्तर-उत्तर- पूर्व की ओर बढ़ने और 22 मार्च की सुबह के आसपास बांग्लादेश-उत्तर म्यांमार तटों के पास पहुंचने की संभावना है.

केंद्र सरकार ने अगले हफ्ते की शुरुआत तक चक्रवात आने की आशंका के मद्देनजर केंद्रशासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में मछली पकड़ने, पर्यटन और जहाजरानी गतिविधियों को तत्काल रोकने का आदेश दिया. वहीं थलसेना, नौसेना और वायु सेना को तैयार रहने को कहा है. जबकि आज एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को रवाना कर दिया गया है. मछुआरों को 21 मार्च तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास के समुद्र में नहीं जाने के लिए कहा गया है.

आईएमडी के अनुसार, 19 मार्च को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग अत्यधिक भारी वर्षा और 20 मार्च को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है. 21 मार्च को भी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा / गरज के साथ बौछारें और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है. जबकि 22 मार्च को अंडमान द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा के साथ अधिकांश स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है.

1891-2020 के आंकड़ों के आधार पर मार्च में आए चक्रवातों के मौसम विज्ञान के अनुसार इस समय का चक्रवात कोई दुर्लभ घटना नहीं है. इससे पहले मार्च में आठ चक्रवाती विक्षोभ (अरब सागर में दो और बंगाल की खाड़ी में छह) आ चुके हैं. आईएमडी के आंकड़ों में कहा गया है कि इनमें से छह समुद्र के ऊपर फैल गए, एक 1926 में एक चक्रवाती तूफान के रूप में तमिलनाडु के तट को पार कर गया और दूसरा 1907 में श्रीलंका की ओर बढ़ गया.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 19, 2022 12:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).