Ghibli Image रीपोस्ट करने पर IAS अधिकारी स्मिता सभरवाल के खिलाफ एक्शन, तेलंगाना पुलिस ने जारी किया नोटिस

साइबराबाद पुलिस ने तेलंगाना की प्रिंसिपल सचिव (युवाओं, पर्यटन और संस्कृति) आईएएस अधिकारी स्मिता सभरवाल को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस उन्होंने 31 मार्च को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक गिब्ली इमेज रीपोस्ट करने के मामले में जारी किया है. यह इमेज हैदराबाद विश्वविद्यालय के पास स्थित कांचा गाचिबोवली के ज़मीन के मुद्दे से जुड़ी थी.

गिब्ली इमेज में हैदराबाद विश्वविद्यालय के मशरूम रॉक के सामने कई बुलडोज़र खड़े हुए दिखाए गए हैं, और इसके साथ ही मोर और हिरण भी उपस्थित हैं. यह चित्र "Hi Hyderabad" नामक ट्विटर हैंडल द्वारा पोस्ट किया गया था, जिसे स्मिता ने रीपोस्ट किया.

साइबराबाद पुलिस ने यह नोटिस बीएनएसएस की धारा 179 के तहत जारी किया है. सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना पुलिस उन सभी लोगों को नोटिस जारी कर रही है जिन्होंने इस प्रकार की गिब्ली इमेज सोशल मीडिया पर पोस्ट की है.

स्मिता सभरवाल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकार रेवथी का पोस्ट रीपोस्ट किया, जिसमें लिखा था, "फ्री स्पीच - तेलंगाना मॉडल! शायद यह पहली बार है जब एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ एक रीट्वीट करने के लिए पुलिस ने केस दर्ज किया है!"

स्मिता द्वारा रीपोस्ट किए गए पोस्ट में आगे कहा गया, "अपराध: उन्होंने कांचा गाचिबोवली की 400 एकड़ ज़मीन को बिना किसी सोच-विचार के बुलडोज़ करने के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए एक एआई-जनरेटेड गिब्ली इमेज रीट्वीट की. उन्हें आज गाचिबोवली पुलिस द्वारा बीएनएसएस की धारा 179 के तहत नोटिस जारी किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने आज तेलंगाना कांग्रेस सरकार द्वारा कांचा गाचिबोवली के 100 एकड़ जंगल को नष्ट करने के बारे में गंभीर सवाल उठाए हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है."

यह घटना तेलंगाना सरकार की ओर से ज़मीनों के अतिक्रमण और निर्माण कार्यों के मामले में उठते हुए सवालों के बीच में आई है. फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का कारण बन चुका है, जहां यह मुद्दा उठ रहा है कि क्या अधिकारियों और नेताओं को अपने व्यक्तिगत विचारों और सोशल मीडिया पर पोस्ट्स को लेकर पुलिस के निशाने पर लाया जाना चाहिए.