यादव खानदान में संकट, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में नहीं किया प्रचार
उत्तर प्रदेश में यादव परिवार को अब भीतर से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सूत्रों की मानें तो परिवार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और यही वजह है कि समाजवादी मुखिया मुलायम सिंह यादव और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में उपचुनाव में प्रचार नहीं किया, जबकि दोनों ने पूर्व में इस सीट पर कब्जा जमाया है.
लखनऊ, 21 जून : उत्तर प्रदेश में यादव परिवार को अब भीतर से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सूत्रों की मानें तो परिवार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और यही वजह है कि समाजवादी मुखिया मुलायम सिंह यादव और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आजमगढ़ में उपचुनाव में प्रचार नहीं किया, जबकि दोनों ने पूर्व में इस सीट पर कब्जा जमाया है. अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेद्र यादव इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें बीजेपी के दिनेश लाल यादव निरहुआ और बसपा के गुड्ड जमाली चुनौती दे रहे हैं.
मुकाबला आसान नहीं है और वोटों का मामूली विचलन भी परिणाम को प्रभावित कर सकता है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर आईएएनएस से बात करते हुए बताया, "मुझे समझ नहीं आ रहा है कि अखिलेश ने 2019 में सीट जीतने के बावजूद आजमगढ़ में प्रचार क्यों नहीं किया. उन्हें प्रचार पर ध्यान देना चाहिए था क्योंकि यह उपचुनाव एक है जो हमारे लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा है." पार्टी सूत्रों का कहना है कि अखिलेश के अपने पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार न करने का कोई वाजिब कारण नहीं है और वह भी तब जब उनके अपने चचेरे भाई उम्मीदवार हों. यह भी पढ़ें : नोएडा : वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, चोरी के कई वाहन बरामद
पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, "यह स्पष्ट संकेत है कि परिवार में सब कुछ ठीक नहीं है. इस साल की शुरुआत में अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने के बाद जो दरार आई थी, वह दिन पर दिन बढ़ती जा रही है." परिवार को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अखिलेश के बिछड़े चाचा शिवपाल यादव ने अब अपने भतीजे के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है और अपनी पार्टी (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया) को मजबूत करने के लिए दृढ़ है, जिसका अर्थ है कि वह जल्द से जल्द सपा से बाहर हो जाएंगे. मंगलवार को, जब पार्टी के अधिकांश लोगों को उम्मीद थी कि अखिलेश आजमगढ़ जाएंगे, क्योंकि यह प्रचार का आखिरी दिन है, सपा प्रमुख ने इसके बजाय कन्नौज जाना चुना.
हैरानी की बात यह है कि सपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान न केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र रामपुर में जोरदार प्रचार कर रहे हैं बल्कि आजमगढ़ में धर्मेद्र यादव के लिए प्रचार भी कर चुके हैं. सूत्रों ने कहा कि आजम खान ने अपने स्वास्थ्य के मुद्दों को अलग रखा है और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि पार्टी रामपुर सीट बरकरार रखे, जो उनके लिए प्रतिष्ठा का विषय है. आजम खान के सहयोगी आसिम राजा रामपुर से पार्टी के उम्मीदवार हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 21, 2022 04:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

