CR Ticketless Commuters Penalty: सेंट्रल रेलवे की बड़ी कार्रवाई, मुंबई में बिना टिकट 9,509 यात्रियों से एक दिन में वसूला ₹71.38 लाख का जुर्माना
(Photo Credits ANI)

CR Ticketless Commuters Penalty:  मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों और मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ मध्य रेलवे (Central Railway) ने कड़ा रुख अपनाया है. मुंबई मंडल द्वारा 18 अप्रैल, 2026 को चलाए गए एक विशेष टिकट चेकिंग अभियान के दौरान कुल 9,509 यात्रियों को बिना वैध टिकट के यात्रा करते हुए पकड़ा गया. रेलवे अधिकारियों ने इन यात्रियों से जुर्माने के रूप में 71.38 लाख रुपये का राजस्व वसूल किया है.

डीआरएम मुंबई ने दी जानकारी

मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से इस कार्रवाई की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि यह अभियान 18 अप्रैल को मुंबई मंडल के विभिन्न खंडों में चलाया गया था. डीआरएम ने यात्रियों से अपील करते हुए लिखा, "कल दिनांक 18/04/2026 को मुंबई मंडल में 9509 बिना टिकट यात्री पकड़े गए और उन पर 71.38 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. यात्रियों से अनुरोध है कि वे वैध टिकट के साथ यात्रा करें और सम्मान के साथ सफर करें. यह भी पढ़े: CR Ticketless Commuters Penalty: मुंबई डिविजन में बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ सेंट्रल रेलवे की बड़ी कार्रवाई, 9,509 पैसेंजर्स से एक दिन में वसूला ₹71.38 लाख का जुर्माना

DRM पोस्ट

व्यापक चेकिंग अभियान और पिछले रिकॉर्ड

इससे पहले मार्च के महीने में भी मध्य रेलवे ने घाटकोपर, विक्रोली, वाशी, भांडुप, मुलुंड, बेलापुर और भायखला जैसे प्रमुख स्टेशनों पर विशेष अभियान चलाए थे. रेलवे के अनुसार, मुंबई लोकल परिवहन का सबसे किफायती साधन होने के बावजूद बिना टिकट यात्रा और एआई-जनरेटेड (AI-generated) फर्जी टिकटों के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं. हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि चेकिंग के दौरान एक दिन में औसतन 80,000 से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना वसूल किया जा रहा है.

वित्त वर्ष 2025-26 में आंकड़ों में भारी उछाल

मध्य रेलवे द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में बिना टिकट या अनियमित यात्रा के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है.

  • इस साल कुल 41.90 लाख मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष (38.05 लाख) की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक हैं.

  • जुर्माने से होने वाले राजस्व में भी 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

  • पिछले साल के 203.70 करोड़ रुपये के मुकाबले इस वर्ष अब तक 251.91 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में एकत्रित किए गए हैं.

रेलवे की यात्रियों से अपील

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बिना टिकट यात्रा करने से न केवल रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यह उन ईमानदार यात्रियों के साथ भी अन्याय है जो नियमित रूप से टिकट खरीदकर यात्रा करते हैं. प्रशासन ने डिजिटल माध्यमों और यूटीएस (UTS) ऐप का उपयोग कर टिकट खरीदने के लिए यात्रियों को प्रोत्साहित किया है.