COVID-19 Care & Precautions: नहीं खत्म हुया है कोरोना वायरस का कहर, हर कदम पर बरतें एहतियात
प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. धमीजा ने कहा कि टोटल केस और एक्टिव केस का बढ़ना देश के लिये चिंता का विषय है, क्योंकि अमेरिका और ब्राजील, जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, वहां भी प्रतिदिन हमारे देश से कम मामले आ रहे हैं. इसका कारण यह मान सकते हैं कि कोरोना यहां अलग-अलग समय पर अलग-अलग राज्यों में पहुंचा है.
कोरोना काल के बीच अब देश में स्कूल-कॉलेज छोड़ कर अनलॉक होने लगा है, लेकिन वायरस का खतरा बरकार है. इसलिए अनलॉक में भी तमाम दिशा-निर्देश दिये गये हैं. कई लोगों को लगने लगा है कि देश से कोरना खत्म होने लगा है और ऐसे लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. आलम यह है कि अचानक से देश में एक बार फिर एक्टिव मामलों ने रफ्तार पकड़ी है. हांलाकि पहले की तुलना में लोगों में जागरूकता आयी है, लेकिन केस बढ़ने की वजह और कोरोना से जुड़े कई अन्य जानकारी के लिए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. राजेन्द्र कुमार धमीजा से खास बातचीत की तो बढ़ते मामलों पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की.
प्रसार भारती से बातचीत में डॉ. धमीजा ने कहा कि टोटल केस और एक्टिव केस का बढ़ना देश के लिये चिंता का विषय है, क्योंकि अमेरिका और ब्राजील, जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, वहां भी प्रतिदिन हमारे देश से कम मामले आ रहे हैं. इसका कारण यह मान सकते हैं कि कोरोना यहां अलग-अलग समय पर अलग-अलग राज्यों में पहुंचा है. यह भी पढ़ें: मस्तिष्क पर भी असर कर रहा है COVID-19.
भारत में पहले केरल में आया उसके बाद महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, फिर देश के सभी हिस्सों में पहुंचने लगा. हालांकि मामले बढ़ने की वजह टेस्टिंग भी है. अब हमारे देश में टेस्टिंग सबसे ज्यादा की जा रही है. लोग जागरूक हुए हैं और लक्षण आने पर खुद आगे आकर जांच करा रहे हैं, इसलिए मामले ज्यादा आ रहे हैं.
कोरोना से लड़ने में लोगों का कितना योगदान
वायरस कभी भेदभाव नहीं करता है. पृथ्वी पर किसी भी मनुष्य को ये हो सकता है. पहले लोग भयभीत होते थे कि अस्पताल वाले आकर ले जायेंगे या लोग क्या कहेंगे. लेकिन अब देश के नेता हों या बड़ी हस्तियां, संक्रमित पाये जाने पर खुद सामने आकर सबको जानकारी दे रहे हैं कि वे कोविड पॉजिटिव हैं.
साथ ही अपने संपर्क में आये लोगों से जांच कराने व सेल्फ क्वारनटाइन की अपील कर रहे हैं. इससे आम जनता को भी हिम्मत आयी है. कोविड के लक्षण आने पर बिना डरे लोग सामने आ रहे हैं और अब लोग यह भी समझ रहें हैं कि कैसे बचाव करना है और लोग इससे ठीक भी हो जाते हैं.
कोरोना के नये लक्षणों को जानना जरूरी
डॉ. धमीजा ने कहा कि कोविड के लक्षण अब केवल बुखार, निमोनिया और लंग्स तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि सेल में जाकर भी ये प्रभावित करता है. जब वायरस सेल में पहुंचता है तो उसके जरिए ब्रेन , हार्ट, किडनी, आदि में असर करता है. स्किन में भी लक्षण दिखते हैं. मस्तिष्क में ये जाते हैं तो सिर दर्द, चक्कर आना, दौरे आना, थकावट आना, कई लोगों में लकवा की शिकायत भी मिली है.
जैसे-जैसे वायरस के बारे में जानने लगे वैसे-वैसे पूरे विश्व में अब मोर्टेलिटी रेट कम हुआ है. हालांकि घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि अब चिकित्सकों को पता है कि कौन से मरीज को कौन सी दवा देनी है, कब उनकी स्थिति बिगड़ सकती है और कब एक्ट्रा केयर चाहिए.
अलग-अलग कपड़ों के मास्क सुरक्षित
आम जनता के लिए किसी भी कपड़े का बना दो लेयर का मास्क सुरक्षित है. चाहे बाजार से लें या घर में बना लें दोनों ही सेफ हैं. ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क चिकित्सा कर्मियों के लिये हैं और एन95 मास्क केवल डॉक्टरों और नर्सों के लिये हैं, जो संक्रमितों के डायरेक्ट संपर्क में रहते हैं. ध्यान रहे आज के समय में मास्क ही सबसे सस्ती और सबसे उपयोगी वैक्सीन है. क्योंकि अगर वैक्सीन आयेगी तो वह 60-70 प्रतिशत तक ही सुरक्षा दे पाएगी, लेकिन मास्क हमेशा बचाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 11, 2020 07:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

