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देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज में नहीं है कोरोना वायरस, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा 'घबराएं नहीं, सतर्क रहें'

देश में 21-दिन के लॉकडाउन (Lockdown) के बीच कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों की संख्या बढती जा रही है. देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों में 678 नए मामलों की पुष्टी हुई. जिसके साथ कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 6,412 हो गए है.

देश में कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज में नहीं है कोरोना वायरस, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा 'घबराएं नहीं, सतर्क रहें'
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: देश में 21-दिन के लॉकडाउन (Lockdown) के  बीच कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों की संख्या बढती जा रही है. देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों में 678 नए मामलों की पुष्टी हुई. जिसके साथ कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 6,412 हो गए है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बीते एक दिन में 33 कोरोना संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ा. जबकि 503 लोग जानलेवा वायरस से छुटकारा पाकर घर लौट चुके है या लौटने वाले है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल (Lav Aggarwal) ने आज बताया कि देश के 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब तक कुल 6,412 कोविड-19 मामले सामने आए हैं. महज 24 घंटे में यानि कल से अब तक 678 नए कोरोना मरीज मिले है. इस अवधी में 33 और मरीजों की मौत हुई है. इसके साथ जानलेवा वायरस ने कुल 199 लोगों की जिंदगियां छीन ली है. उन्होंने बताया कि 267 मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. कोरोना को हराने के लिए सही होम क्वारंटाइन है बेहद जरुरी, जानें नियम और उल्लंघन की सजा

अग्रवाल ने बताया कि गुरुवार को कोविड-19 के 16,002 टेस्ट किए गए, जिनमें से केवल 0.2% मामले पॉजिटिव मिले है. उन्होंने साफ कहा कि देश में अभी तक कोई कम्युनिटी ट्रांसमिशन का मामला सामने नहीं आया है, घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन जागरूक और सतर्क रहें.

उल्लेखनीय है कि बीमारी फैलने के चार मुख्य चरण होते हैं. पहले चरण में आमतौर पर पीड़ित कही और से आया हुआ रहता है. इसमें रोगी स्थानीय मूल का नहीं होता हैं. दूसरे चरण में स्थानीय प्रसारण (Local Transmission) होता है, जिसका अर्थ है स्वस्थ इंसान किसी बाहर से आए रोगी के संपर्क में आने से संक्रमित हो जाता है.

वहीं, तीसरे चरण में सामुदायिक प्रसारण (Community Transmission) होता है. इसमें बीमारी किस तरह फैली इसका पता नहीं चल पाता. इस चरण में रोगी ना किसी संक्रमित के संपर्क में आता है ना ही किसी प्रभावित देश की यात्रा से लौटा होता है. जबकि चौथे चरण में रोग महामारी बन जाती है और संक्रमण के कई समूह बन जाते है. चौथा चरण बहुत ज्यादा घातक होता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2020 04:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).