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COVID की दूसरी लहर से शेयर बाजार ध्वस्त, 2021 की सबसे बड़ी गिरावट से निवेशकों को हुआ 8 लाख करोड़ का नुकसान

12 अप्रैल को शेयर बाजार में साल 2021 की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में 3.44 फीसदी की गिरावट देखी गई. यह 1,707.94 अंक गिरकर 47,883.38 के स्तर पर बंद हुआ.

COVID की दूसरी लहर से शेयर बाजार ध्वस्त, 2021 की सबसे बड़ी गिरावट से निवेशकों को हुआ 8 लाख करोड़ का नुकसान
शेयर बाजार (File Image)

मुंबई: 12 अप्रैल को शेयर बाजार में साल 2021 की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में 3.44 फीसदी की गिरावट देखी गई. यह 1,707.94 अंक गिरकर 47,883.38 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी गिरावट के साथ 14,310.80 पर बंद हुआ. जानकारी के अनुसार निवेशकों को आठ लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ. शुरुआत में सेंसेक्स 813.07 अंकों यानी 1.64 फीसदी की गिरावट के साथ 48,778.25 पर खुला था. वहीं निफ्टी 245.90 अंक यानी 1.66 फीसदी की गिरावट के साथ 14,589 के स्तर पर खुला था. इसके बाद दोपहर में लगभग 3 बजे सेंसेक्स में 1,818.10 अंकों तक की गिरावट आई और यह  47,773.10 के स्तर पर पहुंच गया वहीं निफ्टी 14,276.60 के स्तर पर था.

पिछले साल 23 मार्च को दिखी थी ऐसी गिरावट

बीते सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 0.87 फीसदी के नुकसान में रहा था. बाजार में इतनी भारी गिरावट पिछले साल 23 मार्च को दिखी थी. तब सेंसेक्स 25,800 तक पहुंच गया था. हालांकि बाद में स्थिति में थोड़ा सुधार आने के बाद यह 52,000 तक पहुंच गया. लेकिन जैसे जैसे कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं, शेयर बाजार में गिरावट जारी है. बड़े शेयरों की बात करें, तो 12 अप्रैल को सिप्ला, डिविस लैब, डॉक्टर रेड्डी और ब्रिटानिया के शेयर हरे निशान पर बंद हुए. वहीं टाटा मोटर्स, अडाणी पोर्ट्स, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस और यूपीएल के शेयर लाल निशान पर बंद हुए. साथ ही कल सभी सेक्टर्ल लाल निशान पर बंद हुए.

कोरोना की दूसरी लहर है प्रमुख कारण

रूरल वोइस के संपादक हरबीर सिंह ने बताया कि इन सब के पीछे का कारण भारत में लगातार तेजी से  बढ़ रहे कोरोना के मामले हैं. भारत के कई शहरों में नाईट कर्फ्यू और सेमी लॉकडाउन भारत की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. हाल ही में बार्कलेज ने आशंका जताई है कि अगर भारत की स्थिति ऐसी ही रही तो यह  हर हफ्ते लगभग 10 करोड़ रुपए के कारोबार को प्रभावित करेगा. उन्होंने बताया की बढ़ी हुई महंगाई दर और कोरोना के वजह से कई क्षेत्रों में लगाई गई पाबंदियों के कारण हमें इस तरह की गिरावट देखने को मिल रही है. गौरतलब है कि अप्रैल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगभग 929 करोड़ रुपए निकाल लिए हैं.

एशिया के अधिकतर बाजारों में देखी गई गिरावट

12 अप्रैल को एशिया के अधिकतर बाजारों में गिरावट देखी गई. चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 24 अंक गिरकर 3,425 पर आ गया. हांगकांग का हेंगसेंग इंडेक्स 373 अंक नीचे गिरकर  28,305 पर बंद हुआ. कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में मामूली गिरावट रही. यह 3,130 पर बंद हुआ था. वहीं ऑस्ट्रेलिया का ऑल ऑर्डनरीज इंडेक्स 37 अंकों की गिरावट के साथ 7,214 पर पहुंच गया था. जापान का निक्केई इंडेक्स भी 172 अंक नीचे गिरकर 29,596 पर बंद हुआ. विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान शेयर बाजार में ऐसी गिरावट आगे भी देखने को मिल सकती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2021 05:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).