Mumbai Train Blast Case: मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामला, SC ने सभी 12 आरोपियों को बरी करने वाले बॉम्बे HC के फैसले पर लगाई रोक, लेकिन वे जेल से रहेंगे बाहर
सुप्रीम कोर्ट (Photo: Wikimedia Commons)

SC on Mumbai Train Blast Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 21 जुलाई को  2006 मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले के आरोपियों को लगभग 19 साल बाद बरी कर दिया था. इस फैसले को महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने 24 जुलाई को सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट के इस फैसले पर स्टे लगा दिया है.

महाराष्ट्र सरकार ने फैसले को SC में दी है चुनौती

कोर्ट का फैसला आने के बाद महाराष्ट्र सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, था हम इस निर्णय का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे संतुष्ट नहीं हैं. निश्चित रूप से हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके. सरकार पीड़ितों के साथ है. इसी के तहत सुप्रीम कोर्ट में इस केस को लेकर याचिका दायर की गई थी. यह भी पढ़े: Mumbai Local Train Blast Case: मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट मामले में बॉम्बे HC का बड़ा फैसला, सभी 12 आरोपियों को किया बरी

 फिलहाल जेल से सभी बरी आरोपी रहेंगे बाहर

हालांकि यह फैसला जेल से बाहर आए सभी 12 आरोपियों के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन राहत की बात यह है कि कोर्ट के स्टे के बाद भी वे फिलहाल जेल से बाहर ही रहेंगे. जले के बाहर से ही उनके मामले की सुनवाई होगी.

ब्लास्ट में 189 लोगों की जान गई थी

जुलाई 2006 में मुंबई में वेस्टर्न लाइन की लोकल ट्रेनों में 7 बम विस्फोट हुए थे. इन विस्फोटों में कुल 189 नागरिकों की जान गई और लगभग 820 निर्दोष लोग गंभीर रूप से घायल हुए. जिनमे अज भी कुछ लोग जिंदा हैं. लेकिन वे अभी भी अपनी जिन्दगी से जंग लड़ रहे हैं.