Body Exhumed From Grave: कब्र से बाहर निकाला गया IIT के छात्र का शव, परिवार ने लगाया जांच प्रभावित करने का आरोप
Dead Body - FB

गुवाहाटी, 24 मई: आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र फैजान अहमद के शव को अदालत के आदेश के बाद दूसरे पोस्टमार्टम के लिए अधिकारियों की एक विशेष टीम ने कब्र से खोदकर बाहर निकाला. अहमद के परिवार ने आरोप लगाया है कि संस्थान जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है. मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र अहमद पिछले साल 14 अक्टूबर को आईआईटी खड़गपुर के छात्रावास में मृत पाया गया था. संस्थान के अधिकारियों ने दावा किया कि उसने आत्महत्या की थी, जबकि अहमद के परिवार ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या की गई. New Parliament Building: विपक्ष ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के बहिष्कार की घोषणा की, सरकार ने पुनर्विचार के लिए कहा

परिवार ने अहमद की अप्राकृतिक मौत को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की. अहमद असम के डिब्रूगढ़ जिले का निवासी था. हाल ही में, कलकत्ता हाईकोर्ट ने शव को कब्र से खोदकर निकालने और दूसरा पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया. फैजान अहमद के परिवार की रजामंदी के बाद मंगलवार को उसका शव कब्र से निकाला गया.

पश्चिम बंगाल के खड़गपुर टाउन पुलिस स्टेशन के चार सदस्यीय पुलिस दल की मौजूदगी में, असम मेडिकल कॉलेज और गुवाहटी मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विशेषज्ञों ने डिब्रूगढ़ शहर में अमोलपट्टी के कब्रिस्तान में कब्र की खुदाई की और शव को बाहर निकाला.

इस मौके पर दिवंगत छात्र के परिजन, स्थानीय पुलिस व मजिस्ट्रेट गौतम प्रिया महंत भी मौजूद रहे. शव को पहले डिब्रूगढ़ के मुर्दाघर में रखवा दिया गया. इसके बाद बुधवार को परिवार के साथ विशेष टीम के अधिकारी शव को कोलकाता ले गए.

इस बीच, पता चला है कि आईआईटी खड़गपुर की एक टीम भी खुदाई प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहने की जिद कर रही थी, लेकिन मृत छात्र के परिवार ने इसका कड़ा विरोध किया. परिवार के सदस्यों ने यहां पत्रकारों से कहा कि आईआईटी खड़गपुर के अधिकारी जांच को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं.

गौरतलब है कि 23 वर्षीय फैजान अहमद का सड़ा-गला शव पिछले साल 14 अक्टूबर को संस्थान परिसर के लाला लाजपत राय हॉल ऑफ रेजिडेंस के कमरा सी-205 में मिला था. दो दिन बाद, उनके शव को डिब्रूगढ़ शहर के अमोलपट्टी कब्रिस्तान में दफनाया गया था.