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Akhilesh Yadav's Controversial Statement: दीये जलाने को पैसे की बर्बादी बताने पर भाजपा ने अखिलेश यादव को घेरा, बताया हिंदू आस्था का अपमान

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के बयान को हिंदू परंपराओं के प्रति 'चौंकाने वाला' और 'असंवेदनशील' बताया. दरअसल, शनिवार को अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया. उन्होंने कहा था, "दुनिया में, क्रिसमस के दौरान शहर खूबसूरती से जगमगा उठते हैं और यह उत्सवी रोशनी महीनों तक चल सकती है.

Akhilesh Yadav's Controversial Statement: दीये जलाने को पैसे की बर्बादी बताने पर भाजपा ने अखिलेश यादव को घेरा, बताया हिंदू आस्था का अपमान
Akhilesh Yadav | PTI

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के बयान को हिंदू परंपराओं के प्रति 'चौंकाने वाला' और 'असंवेदनशील' बताया. दरअसल, शनिवार को अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया. उन्होंने कहा था, "दुनिया में, क्रिसमस के दौरान शहर खूबसूरती से जगमगा उठते हैं और यह उत्सवी रोशनी महीनों तक चल सकती है. हमें इससे प्रेरणा लेनी चाहिए. हमें दीयों और मोमबत्तियों पर पैसा खर्च करने और इस प्रक्रिया पर इतना ज्यादा सोचने की क्या जरूरत है? हमें इस पर पुनर्विचार करना चाहिए कि सरकार से क्या उम्मीद की जाए; शायद इसे बदला जाना चाहिए. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में और भी शानदार रोशनियां हों."

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में कहा, "अखिलेश यादव का बयान न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि हमारे त्योहारों के प्रति असंवेदनशीलता भी दर्शाता है. दीपावली हमारे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतीक है. यह केवल रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है." उन्होंने कहा, "दीये और मोमबत्तियां हमारी परंपरा का हिस्सा हैं, जो हर घर की भावना और भक्ति का प्रतीक हैं. इन्हें 'पैसे की बर्बादी' कहना न केवल अनुचित है, बल्कि हिंदू धर्म का अपमान भी है." उन्होंने आगे कहा कि त्योहारों की तुलना करने के बजाय, अखिलेश यादव को 'भारत की विविध परंपराओं का सम्मान करना चाहिए. यही सच्ची धर्मनिरपेक्षता है.' यह भी पढ़ें : Karnataka: कर्नाटक सरकार द्वारा शताब्दी मार्च की अनुमति न दिए जाने पर RSS ने उच्च न्यायालय का किया रुख

आईएएनएस से बात करते हुए, भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भी सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा, "कम से कम 'मौलाना' अखिलेश यादव हमें यह न बताएं कि दीपावली कैसे मनाई जाए. इस साल का उत्साह और खुशी उनके जैसे लोगों की मानसिकता को ठेस पहुंचाती दिख रही है, जो सनातन परंपराओं का विरोध करते हैं." उन्होंने आगे कहा, "दीये और पटाखे जलाना भारत की संस्कृति का हिस्सा है. अखिलेश यादव इसे नहीं समझते, क्योंकि उन्हें सिर्फ वोट बैंक की परवाह है और भारतीय सभ्यता से उनका कोई लेना-देना नहीं है. यही वजह है कि जनता उन्हें हर बार नकार देती है."

विधायक रामेश्वर शर्मा ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अखिलेश यादव के पिताजी भी दीप जलाने से नहीं रोक पाए थे. अब तो पूरे विश्व में सनातन का दिया जल रहा है, उसको अब कोई नहीं रोक पाएगा. इस प्रकार का बयान अखिलेश नाम का व्यक्ति दे सकता है." यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अयोध्या 17 अक्टूबर से शुरू हुए अपने नौवें दीपोत्सव के भव्य समापन की तैयारी कर रहा है. सोमवार को सरयू नदी के किनारे 56 घाटों पर 26,11,101 दीये जलाकर उत्सव अपने चरम पर पहुंच जाएगा, जो शहर के आध्यात्मिक उत्सवों में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 19, 2025 01:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).