पटना, 17 जुलाई : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने के फैसले की मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सराहना की. उन्होंने कहा कि गरीबों के हित के लिए इससे बड़ा कोई फैसला नहीं हो सकता. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो कहते हैं, वह करते हैं. उन्होंने कहा, "सामान्य रूप से गरीब परिवार के जो घरेलू उपभोक्ता होते हैं, वे घर में दो-तीन बल्ब जलाते हैं या कुछ पंखे चलाते हैं. उसमें करीब 100 यूनिट बिजली ही खपत होती है. आज मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब बिहार में 125 यूनिट खपत करने वाले बिजली उपभोक्ताओं को कोई शुल्क नहीं देना होगा. यह बहुत बड़ी बात है और गरीबों के हित में बहुत बड़ा फैसला है."
उन्होंने कहा कि किसानों को पहले से ही सस्ते दर पर बिजली दी जाती है. अब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जो गरीब परिवार हैं, जिनकी खपत 125 यूनिट बिजली है, वह अब निःशुल्क हो जाएगी. यह बहुत दूरगामी प्रभाव वाली गरीबों के हित में कल्याणकारी घोषणा है. उन्होंने आगे कहा, "इसके लिए बिहार के सारे लोग मुख्यमंत्री और एनडीए सरकार को निश्चित रूप से धन्यवाद दे रहे हैं." अगले पांच सालों में बिहार के एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने की घोषणा को लेकर मंत्री विजय चौधरी ने कहा, "मुख्यमंत्री के नेतृत्व में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी तो अगले पांच वर्षों में एक करोड़ बेरोजगारों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. यह पूरा बिहार जानता है कि हमारे मुख्यमंत्री जो कहते हैं, वह करते जरूर हैं." यह भी पढ़ें : BSE Realty Index: भारत के ऑफिस रियल एस्टेट इंवेस्टमेंट ट्रस्ट मार्केट का बीएसई रियल्टी इंडेक्स से बेहतर रहा प्रदर्शन
उन्होंने कहा कि पहले 10 लाख युवाओं को नौकरी और 10 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई थी. 10 लाख लोगों को नौकरी मिल गई है. अब विधानसभा चुनाव के पहले 12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है. जो 10 लाख युवाओं को रोजगार मुहैया कराने की घोषणा है, उसका लक्ष्य बढ़ाकर इस चुनाव के पहले 38 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है. मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट कहा कि इस साल होने वाले चुनाव से पहले 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध करा दिया जाएगा. राजद नेता तेजस्वी यादव के 'नकलची सरकार' कहने पर उन्होंने कहा, "सभी नेता रोजगार की बात करते हैं, लेकिन श्रेय उसी को जाता है जो काम करता है. बात बोलने वाले तो सब दिन बोलते हैं. 50 साल का इतिहास देख लीजिए."













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