Bihar: सीएम नितीश कुमार का दावा, कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की पूरी तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में भोजन उपलब्ध कराने के लिए 'दीदी की रसोई' कार्यक्रम की शुरुआत की गई. कई प्रकार के काम से महिलाओं को जोड़ा गया. दीदी की रसोई के माध्यम से अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है.
पटना: बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने यहां कहा कि बिहार कोरोना (Coronavirus) की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि "हम ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं करते हैं, हम काम पर भरोसा रखते हैं." मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के पहले दौर से कोरोना से मृत व्यक्तियों के परिजनों को चार लाख रुपये मदद देने का प्रवधान किया गया है. मुख्यमंत्री मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की 2,705.35 करोड़ रुपये की 989 परियोजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास, कार्यारंभ, उद्घाटन एवं लोकार्पण किया. Nitish Kumar Takes Oath as Bihar CM: नीतीश कुमार ने 7वीं बार ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को मिली डिप्टी सीएम की कमान
इसमें 1,503.06 करोड़ रुपये की 872 योजनाओं का शिलान्यास, 521़.74 करोड़ रुपये की लागत की दो योजनाओं का कार्यारंभ, 399 करोड़ रुपये की 108 योजनाओं का उद्घाटन किया गया तथा 281.55 करोड़ रुपये की 7 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है.
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार वृद्धि हो रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में भोजन उपलब्ध कराने के लिए 'दीदी की रसोई' कार्यक्रम की शुरुआत की गई. कई प्रकार के काम से महिलाओं को जोड़ा गया. दीदी की रसोई के माध्यम से अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि टेलिमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सा उपलब्ध कराने के क्षेत्र में काम शुरू किया गया. अनुपयोगी उपकरण को अस्पतालों से हटाने का भी काम किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "पिछले वर्ष मार्च से कोरोना का प्रभाव बिहार में दिखा और लोगों के बचाव के लिए एक-एक काम किए गए. इसके लिए केंद्र सरकार से भी सहायता मिली. राज्य सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा उनके इलाज और बचाव के लिये खर्च किए."
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कोरोना के पहले दौर से ही कोरोना से मृत लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये देने का प्रावधान किया है. हम ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं करते हैं, हम काम में भरोसा रखते हैं.
कोरोना को लेकर मुफ्त टीका उपलब्ध कराए जाने को लेकर प्रधाानमंत्री को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के टीके की बात चल रही है, अगर उस पर भी निर्णय हुआ तो हमलोग काम करेंगे.
उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य भी राज्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. हमलोगों ने लक्ष्य रखा है कि 6 महीने में 6 करोड़ लोगों का कम से कम टीकाकरण करवायेंगे, जो इस वर्ष के अंत तक हो जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा, "तीसरे चरण की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है. दवा की भी किसी प्रकार की कमी नहीं है."
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2021 11:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

