गयाजी, 21 अक्टूबर : बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने बिहार की सियासत में लगाई जा रही अटकलों पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि राजद ने झामुमो के साथ कपटपूर्ण राजनीति की और उन्हें उचित सीट नहीं दी है. आईएएनएस के साथ खास बातचीत में मांझी ने कहा, "यदि हम निष्पक्ष होकर सोचें तो बिहार में महागठबंधन में छोटे भाई के तौर पर शामिल झामुमो को पर्याप्त सीटें नहीं दी गईं. झारखंड में फिर भी झामुमो ने बड़े भाई की तरह काम किया, लेकिन बिहार में झामुमो की कोशिशों को राजद की तरफ से सम्मान नहीं दिया गया. गठबंधन में तो गठबंधन धर्म निभाना चाहिए था, लेकिन गठबंधन की पार्टियों ने ऐसा नहीं किया."
मांझी ने एनडीए की जीत का दावा करते हुए कहा, "बिहार में इस बार एनडीए आसानी से बहुमत के साथ सरकार बनाएगी. टिकट वितरण में एनडीए में किसी तरह का घमासान नहीं हुआ, जबकि इंडिया ब्लॉक में 10, 5 और 2 सीटों पर आपसी झगड़े हुए. जनता समझती है कि कौन लोग यूनाइट होकर सरकार चला सकते हैं. नीतीश कुमार पिछले 20 साल से और नरेंद्र मोदी 11 साल से सरकार चला रहे हैं. डबल इंजन की सरकार से बिहार को हर क्षेत्र में फायदा मिला है. 5 लाख करोड़ रुपए का अनुदान, सड़क, परिवहन, बिजली, शिक्षा सबमें नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. बिहार की जनता, खासकर महिलाएं, एनडीए के साथ हैं." यह भी पढ़ें : Noida Hindon River: नोएडा हिंडन नदी पर अवैध कब्जे का मामला, सिंचाई विभाग की शिकायत पर एफआईआर दर्ज
मांझी ने इंडिया ब्लॉक में सीट बंटवारे के विवाद पर कहा, "पहले ही हमने बता दिया था कि उनके बीच पद लोलुपता और सत्ता की लालसा है. हर कोई सरकार बनाना चाहता था. इस कारण 15 सीटों पर एक से अधिक उम्मीदवार खड़े हो गए. यह साफ हो गया कि गठबंधन का यह खेल जनता के लिए भ्रम पैदा कर रहा था. इसलिए जनता ने मन बना लिया कि वह एनडीए को ही वोट करेगी."
जीनत राम मांझी ने बताया कि एनडीए ने सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट किया है. उन्हें मतदान केंद्र मजबूत करने और बूथ प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया गया. चुनाव घोषित होने से पहले से ही एनडीए के कार्यकर्ता सक्रिय थे और सभी दलों के उम्मीदवारों के मुकाबले एनडीए की तैयारी और संगठन बेहतर है.
बिहार चुनाव से जुड़ी मोतिहारी पुलिस ने राजद प्रत्याशी देवा गुप्ता के घर छापेमारी की और राजन हत्याकांड के आरोपी सुबोध यादव को गिरफ्तार किया. सुबोध यादव चिरैया के मोहदीपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ पहले भी दो आपराधिक मामले दर्ज थे. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मांझी ने कहा, "यह पुरानी बात है कि अपराधियों की संख्या बढ़ रही है. चाहे मर्डर हो, महिलाओं से छेड़छाड़ हो, लैंड ग्रैब या आर्थिक अपराध हो, आरजेडी के कार्यकर्ता आगे रहे हैं. यही कारण है कि समाज उनसे डरता है. रिटर्निंग ऑफिसर ने कार्रवाई की और उनका नॉमिनेशन रद्द किया, इसके लिए हम इलेक्शन कमीशन का धन्यवाद करते हैं. अगर जांच विस्तार से की जाती, तो दर्जनों नॉमिनेशन रद्द होते. यह जरूरी है कि अपराधियों को चुनावी मैदान से बाहर रखा जाए."












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