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7 मई की बड़ी खबरें और अपडेट्स

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7 मई की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा होने पर क्या बोले पीएम मोदी

पाकिस्तान ने कहा, किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैयार हैं

ईरान युद्ध: ट्रंप बोले, "काफी संभावना" है कि डील हो जाए

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या

अमेरिकी जज ने जारी किया एपस्टीन का कथित सुसाइड नोट

ईरान ने कहा, दक्षिण कोरियाई जहाज को हुए नुकसान में उनकी कोई भूमिका नहीं

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक दक्षिण कोरियाई जहाज को पहुंचे नुकसान में अपनी सेना की किसी भी भूमिका से इनकार किया है. दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में ईरानी दूतावास ने गुरुवार, 7 मई को एक बयान में यह बात कही. उन्होंने आगे कहा कि इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने के लिए ईरानी नियमों का सख्ती से पालन करना जरूरी है.

पनामा के झंडे वाले जहाज एचएमएम नामू को दक्षिण कोरिया की कंपनी एचएमएम चलाती है. इसमें सोमवार, 4 मई की शाम एक धमाका हुआ और आग लग गई. कंपनी के मुताबिक, "आग को बाद में बुझा दिया गया. इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और चालक दल के सभी 24 सदस्य जहाज पर ही मौजूद हैं."

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस घटना के लिए ईरानी हमले को जिम्मेदार ठहराया था. वहीं दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि आग लगने की वजह की पुष्टि तभी होगी जब जहाज को खींचने वाले जहाजों की मदद से वापस बंदरगाह तक लाया जाएगा और जांच की जाएगी.

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सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने एक कोरियाई जहाज और अन्य ठिकानों पर गोलीबारी की क्योंकि अमेरिका ने इस जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अपना अभियान शुरू किया था. उन्होंने दक्षिण कोरिया से होर्मुज स्ट्रेट खोलने की कोशिश में शामिल होने की अपील की थी.

यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार, खासकर पेट्रोलियम के लिए बहुत ही अहम है. आम दिनों में, दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है.

पाकिस्तान ने कहा, किसी भी आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैयार हैं

भारत और पाकिस्तान के बीच छिड़े संघर्ष के एक साल पूरे होने के मौके पर पाकिस्तानी सेना ने भी बयान जारी किया है. पाकिस्तानी सेना के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने अपने बयान में पाकिस्तानी वायुसेना की तारीफ करते हुए कहा, “पाकिस्तानी सशस्त्र बल भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए और वतन पर थोपी गई किसी भी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार हैं.”

पिछले साल 7 मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में कई ठिकानों पर हमले किए थे. भारत सरकार ने इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था और हमलों को “आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई” बताया था. इसके जवाब में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन बुन्यान-अल-मर्सूस’ शुरू किया था. वहीं, 22 अप्रैल को पहलगाम हमला होने के बाद से 10 मई को संघर्षविराम होने तक के घटनाक्रम को पाकिस्तान ने ‘मरका-ए-हक’ नाम दिया था.

अब पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में चेतावनी देते हुए कहा है, “पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी शत्रुतापूर्ण साजिश का मुकाबला और भी अधिक ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ किया जाएगा और यह उससे कहीं अधिक मजबूत होगा जो दुश्मन ने ‘मरका-ए-हक’ के दौरान देखा था.” पाकिस्तान ने यह भी कहा कि सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं में निवेश करना जारी रखेंगे.

अमेरिकी जज ने जारी किया एपस्टीन का कथित सुसाइड नोट

अमेरिका के एक संघीय जज के आदेश पर बुधवार, 6 मई को एक दस्तावेज जारी हुआ, जिसे फाइनेंसर और सजायाफ्ता अपराधी जेफ्री एपस्टीन का लिखा कथित सुसाइड नोट बताया जा रहा है. न्यूयॉर्क के वाइट प्लेन्स में डिस्ट्रिक्ट जज केनेथ कारास ने पिछले हफ्ते द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट और इसे जारी करने की मांग के बाद नोट को सार्वजनिक करने का आदेश दिया. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, हाथ से लिखा यह नोट एपस्टीन के साथ मैनहट्टन जेल में कोठरी साझा करने वाले सजायाफ्ता कातिल और पूर्व पुलिस अधिकारी निकोलस टार्टाग्लियोन को मिला था.

पढ़ें: एप्सटीन फाइल्स में मोदी के नाम पर विवाद

एपस्टीन 10 अगस्त, 2019 को अपने सेल में मृत पाया गया था. यह एपस्टीन की खुदकुशी की पहली कोशिश के तीन हफ्ते बाद की घटना थी. दुनिया की मशहूर हस्तियों के साथ करीबी रिश्ते रखने वाले एपस्टीन पर उस वक्त सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप लगे थे और मुकदमे की कार्रवाई होनी थी. खबरों के मुताबिक, यह नोट एक पीले लीगल पैड पर लिखा गया था.

अदालती फाइल में जारी की गई इसकी एक तस्वीर के मुताबिक एपस्टीन ने लिखा, "उन्होंने महीनों तक मेरी जांच की- कुछ नहीं मिला!!! अलविदा कहने के लिए अपना समय खुद चुन पाना एक सुकून की बात है." जज कारास ने कहा कि यह नोट एक न्यायिक दस्तावेज की कैटेगरी में आता है, जिसे जनता देख सकती है क्योंकि यह टार्टाग्लियोन के आपराधिक मामले के सिलसिले में पेश किया गया था. सरकारी संघीय वकीलों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स की इस नोट को जारी करने की मांग का विरोध नहीं किया.

जेफ्री एपस्टीन कौन था, कैसे प्रभाव और पैसा बनाया, जानिए:

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या

पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में बुधवार, 6 मई की रात को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका और उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं. इनमें से कई गोलियां चंद्रनाथ रथ के दिल में जाकर लगीं. हमले के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने एएफपी को बताया कि गोलीबारी बुधवार रात को करीब 11 बजे हुई और हमले में इस्तेमाल हुई बाइकों को जब्त कर लिया गया है. उन्होंने बताया, “बाइकों के रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी थे और हम हमलावरों की तलाश कर रहे हैं.” विधानसभा चुनावों के नतीजों की घोषणा के बाद से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में पांच लोगों की मौत हो चुकी है.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर टीएमसी को बड़ी मात दी है. अब शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद का बड़ा दावेदार माना जा रहा है. ऐसे में उनके सहयोगी की हत्या ने राज्य में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है. शुभेंदु ने इस हत्या को “कोल्ड-ब्लडेड मर्डर” करार दिया है. पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हत्या के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है.

डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता के मुताबिक, राज्य में चुनावी हिंसा के 200 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बीजेपी ने टीएमसी पर "लक्षित हत्याएं" करने का आरोप लगाया है. वहीं, टीएमसी ने हिंसा की निंदा की है और आरोप लगाया है कि यह हिंसा "भाजपा समर्थित उपद्रवियों" द्वारा की जा रही है.

ईरान युद्ध: ट्रंप बोले, "काफी संभावना" है कि डील हो जाए

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता के ताजा दौर को लेकर उम्मीद जताई है. बुधवार, 6 मई की देर रात ओवल ऑफिस में उन्होंने पत्रकारों से कहा, "पिछले 24 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह बहुत मुमकिन है कि हम कोई समझौता कर लेंगे." बुधवार को ही बाद में, गवर्नर पद के एक रिपब्लिकन उम्मीदवार के लिए टेली-रैली के दौरान, ट्रंप ने फिर से वादा किया कि "यह जल्दी ही खत्म हो जाएगा."

लेकिन इसी दिन ट्रंप ने ईरान पर फिर से बमबारी शुरू करने की धमकी भी दी, अगर वह परमाणु कार्यक्रम खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अमेरिकी मांगों को नहीं मानता. उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "अगर वे राजी नहीं होते तो बमबारी शुरू हो जाएगी और अफसोस की बात है कि यह पहले के मुकाबले कहीं बड़े स्तर और तीव्रता के साथ होगी."

ईरान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव की "समीक्षा" की जा रही है और तेहरान का जवाब अपने पक्ष के साथ मध्यस्थ पाकिस्तान को भेज दिया जाएगा.

ऑपरेशन सिंदूर का एक साल, जयराम रमेश ने सरकार की रणनीति पर उठाए सवाल

ऑपरेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने के मौके पर कांग्रेस पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने “सशस्त्र बलों की उपलब्धियों को सलाम” किया और केंद्र सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सबसे पहले अमेरिका द्वारा युद्धविराम की घोषणा किए जाने पर सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के युद्धविराम करवाने के दावों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी खंडन नहीं किया.

उन्होंने आगे लिखा, “10 जून 2025 को जकार्ता में आयोजित एक सेमिनार में इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास के डिफेंस अताशे ने स्वीकार किया था कि 7 मई 2025 को राजनीतिक नेतृत्व द्वारा तय की गई सीमाओं के कारण भारत ने अपने विमान खो दिए थे.” जयराम रमेश के मुताबिक, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा था कि “सामरिक गलतियों के कारण भारत को शुरुआती नुकसान उठाना पड़ा था.”

उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत द्वारा व्यापक कूटनीतिक संपर्क अभियान चलाए जाने के बावजूद, “पाकिस्तान वैसा अलग-थलग नहीं पड़ा जैसा वह नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद हुआ था.” उन्होंने कहा कि इसके उलट पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी बन गए.

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने “ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान की कार्रवाई में चीन की बेहद गंभीर भूमिका की ओर स्पष्ट रूप से ध्यान आकर्षित किया था.” जयराम रमेश ने लिखा कि इसके बावजूद “चीन के प्रति मोदी सरकार का संतुलित समर्पण लगातार जारी है.”

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का एक साल पूरा होने पर क्या बोले पीएम मोदी

पिछले साल भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’का गुरुवार, 7 मई को एक साल पूरा हो गया है. इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंटों पर प्रोफाइल पिक्चर बदली. अब उनकी प्रोफाइल पिक्चर में भारतीय झंडे के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लिखा हुआ दिख रहा है. उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदल ली है.

पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमारी सशस्त्र सेनाओं ने अपनी वीरता का प्रदर्शन किया और हमारे लोगों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया. हर भारतीय को हमारी सशस्त्र सेनाओं पर गर्व है.” इस पोस्ट में उन्होंने भारत के लोगों से भी अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलने की अपील की.

पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.” उन्होंने आगे लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद, “हम आतंकवाद को हराने और उसके सहयोगी ईकोसिस्टम को नष्ट करने के हमारे संकल्प के प्रति पहले की तरह की दृढ़ हैं.”

भारत सरकार के मुताबिक, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत उन्होंने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था. 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आम लोगों पर हुए कातिलाना हमले के जवाब में भारत ने यह ऑपरेशन शुरू किया था, जो आगे चलकर दोनों देशों के बीच एक सशस्त्र संघर्ष में बदल गया था. 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्षविराम की घोषणा हुई थी.

(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2026 04:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).