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Bhopal Gas Tragedy: जिन डॉक्टर ने सबकुछ देखा, उनसे जानिए उस भयानक रात की कहानी

एच.एच. त्रिवेदी, जो अब अपने 80 के दशक में हैं और अभी भी भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक क्लिनिक चलाते हैं, 2-3 दिसंबर, 1984 की भयावह रात को याद करते हुए एक लंबी सांस लेते हैं, जब मध्य प्रदेश का राजधानी शहर जहरीले मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) धुएं के एक कक्ष में बदल गया था.

Bhopal Gas Tragedy: जिन डॉक्टर ने सबकुछ देखा, उनसे जानिए उस भयानक रात की कहानी
Bhopal Gas Tragedy (Photo Credit : Twitter)

एच.एच. त्रिवेदी, जो अब अपने 80 के दशक में हैं और अभी भी भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक क्लिनिक चलाते हैं, 2-3 दिसंबर, 1984 की भयावह रात को याद करते हुए एक लंबी सांस लेते हैं, जब मध्य प्रदेश का राजधानी शहर जहरीले मिथाइल आइसोसा इनेट (एमआईसी) धुएं के एक कक्ष में बदल गया था. Bhopal Gas Tragedy: एक झटके में 16 हजार लोगों की मौत, आज ही के दिन भोपाल गैस त्रासदी ने मचाई थी भारी तबाही. 

त्रिवेदी, तब गांधी मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त प्रोफेसर थे, उन तीन वरिष्ठ डॉक्टरों में से एक थे, जिन्होंने लोगों को सड़कों पर बेहोश पड़े, सांस लेने के लिए हांफते हुए देखा था. वह उन व्यक्तियों में से भी एक हैं, जिनकी आपदा पर गवाही 1989 में अमेरिका की एक अदालत में दर्ज की गई थी.

भोपाल गैस त्रासदी की 38वीं बरसी पर त्रिवेदी ने आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में उस भयानक रात और अगले 24 घंटों के भीतर लगभग 3,000 लोगों को अपनी चपेट में लेने वाले पूरे कहर की यादें साझा कीं. त्रिवेदी ने याद किया कि आधी रात थी और वह बिस्तर पर जाने के लिए तैयार हो रहे थे, तभी उन्हें हमीदिया अस्पताल से एक कॉल आया, जिसमें आपात स्थिति के लिए तुरंत आने को कहा गया.

त्रिवेदी ने कहा, "मुझे नहीं पता था कि किस तरह की आपात स्थिति आई थी, लेकिन एक डॉक्टर के रूप में मुझे जाना पड़ा. मैं अपनी कार पूरी गति से चला रहा था, हमीदिया अस्पताल की ओर जा रहा था. जब मैं न्यू मार्केट इलाके में पहुंचा, तो मैं एक बड़ी भीड़ को इधर-उधर भागते और रोते देख हैरान रह गया. यह एक सर्द रात थी. अगले पांच मिनट में, मैं रोशनपुरा इलाके में था, जहां मैंने फिर से बच्चों और महिलाओं सहित एक बड़ी भीड़ को बदहवास दौड़ते देखा."

लोग जिस दिशा में भाग रहे थे, त्रिवेदी उसकी विपरीत दिशा में जा रहे थे. वह गाड़ी चलाते रहे, क्योंकि उन्हें अस्पताल पहुंचना था. उन्होंने कहा- जैसे ही मैं राजभवन के सामने पहुंचा, जहां से पुराना भोपाल क्षेत्र शुरू होता है, मैं सड़क पर पड़े लोगों को सांस के लिए हांफते, रोते, चिल्लाते देखकर दंग रह गया. एक समय, एक बड़ी भीड़ ने मेरी कार को रोक दिया और मुझे उस दिशा में नहीं जाने के लिए कहा, क्योंकि यूनियन कार्बाइड कारखाने से गैस का रिसाव हुआ था. मैंने उनसे कहा कि मैं डॉक्टर हूं और मुझे अस्पताल जाना है."

त्रिवेदी ने याद किया : "मैंने एक गर्भवती महिला को सड़क के किनारे पड़ा देखा. एक आदमी मेरी कार के सामने कूद गया और बोनट पर मारने लगा. मैंने जोड़े को अपनी कार में बैठा लिया और उन्हें जेपी अस्पताल में छोड़ दिया. दंपति केरल से था, जो मुझे बाद में पता चला. उस महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया और वे छह महीने बाद मुझसे मिलने आए, और उस दुर्भाग्यपूर्ण रात में मुझे केवल यही अच्छा अहसास हुआ."

"जब मैं हमीदिया अस्पताल पहुंचा तो मुझे पूरी घटना के बारे में पता चला. लेकिन, यहीं से समस्या शुरू हुई. हमें क्या करना है, कौन सी दवा लेनी है आदि के बारे में कुछ पता नहीं था. लोगों की आंखें जल रही थीं, उनके मुंह में झाग भर रहा था और वह मर रहे थे. यह कहर था. हम जहरीले रसायन के बारे में नहीं जानते थे, क्योंकि उस समय हमें नहीं पता था कि कारखाने से किस तरह का रसायन लीक हुआ है. इसलिए हमने बुनियादी उपचार प्रक्रियाओं का पालन किया. गंभीर मरीजों के लिए सेलाइन की बोतल टांगने तक की जगह नहीं थी."

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का मुखिया होने के नाते उन्हें अपनी टीम को निर्देश देने थे, लेकिन उन्हें खुद इसकी जानकारी नहीं थी. त्रिवेदी ने याद करते हुए कहा, सभी डॉक्टर मेरे निर्देशों का पालन कर रहे थे, लेकिन उस समय मैं पूरी तरह से अनजान था, क्योंकि वहां लाशों का ढेर लगा हुआ था. सुबह करीब 7 बजे मैं आईसीयू से बाहर आया तो पाया कि अस्पताल परिसर में और लाशें पड़ी हैं."

गौरतलब है कि त्रिवेदी भी मरीजों का इलाज करते हुए जहरीली गैस के चपेट में आ गए थे, लेकिन सौभाग्य से वह बच गए. 1989 में, वह उन लोगों में शामिल थे, जो एक अदालत में अपनी गवाही दर्ज कराने के लिए अमेरिका गए थे.

उन्होंने कहा, "मुझे घटना के बारे में बताने के लिए कहा गया था और मैंने जो देखा वह बताया. मैं कोई विवादित टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन हां, मैं कहूंगा कि भोपाल के लोग अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं."

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2022 10:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).