Bhopal Gas Tragedy: एक झटके में 16 हजार लोगों की मौत, आज ही के दिन भोपाल गैस त्रासदी ने मचाई थी भारी तबाही
इतिहास में दर्ज हर तारीख की तरह तीन दिसंबर के खाते में भी कुछ अच्छी-बुरी घटनाएं दर्ज हैं, लेकिन इस दिन एक ऐसी घटना भी हुई, जो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोगों को सदियों तक सालने वाला दर्द दे गई.
नयी दिल्ली, 3 दिसंबर : इतिहास में दर्ज हर तारीख की तरह तीन दिसंबर के खाते में भी कुछ अच्छी-बुरी घटनाएं दर्ज हैं, लेकिन इस दिन एक ऐसी घटना भी हुई, जो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोगों को सदियों तक सालने वाला दर्द दे गई. तीन दिसंबर 1984 को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कीटनाशक संयंत्र से जहरीली गैस का रिसाव हुआ. इस हादसे में हजारों लोगों की मौत हुई, जबकि कई तरह की शारीरिक समस्याओं की चपेट में आने वालों की तादाद भी हजारों में थी. इसके साथ ही इस हादसे से अजन्मे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर भी सवालिया निशान लग गया.
अन्य घटनाओं में, हॉकी के जादूगर ध्यानचंद का निधन तीन दिसंबर, 1979 को हुआ था. विश्व हॉकी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में उनकी गिनती होती थी. वह तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रहे. हिंदी सिनेमा में तकरीबन छह दशक तक दर्शकों पर अपने हुनर, अदाकारी और रूमानियत का जादू बिखेरने वाले सदाबहार अभिनेता देव आनंद ने भी तीन दिसंबर के दिन ही वर्ष 2011 में दुनिया को अलविदा कहा था. इस दिन हमें देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के रूप में एक महान शख्सियत मिली. डॉ. प्रसाद का जन्म तीन दिसंबर,1884 को हुआ था. यह भी पढ़ें : इतिहास में दर्ज हर तारीख की तरह तीन दिसंबर के खाते में भी कुछ अच्छी-बुरी घटनाएं दर्ज हैं, लेकिन इस दिन एक ऐसी घटना भी हुई, जो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोगों को सदियों तक सालने वाला दर्द दे गई.
देश दुनिया के इतिहास में तीन दिसंबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:
1790 : लॉर्ड कार्नवालिस ने मुर्शिदाबाद के नवाब से फौजदारी न्याय प्रशासन का अधिकार छीन लिया और सदर निजामत अदालत कलकत्ता ले गए.
1829 : वायसराय लॉर्ड विलियम बेंटिक ने भारत में सती प्रथा पर रोक लगायी.
1882 : आधुनिक भारतीय चित्रकला के प्रणेताओं में से एक नन्दलाल बोस का जन्म.
1884 : देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्म.
1889 : खुदीराम बोस का जन्म. भारत माता के इस सपूत ने देश की आजादी में अपने प्राणों की आहूति दी.
1920 : तुर्की और आर्मेनिया शांति समझौते पर सहमत हुए.
1937 : भारतीय विद् बिनोद बिहारी वर्मा का जन्म.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2022 08:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

