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Bharat Bandh: मोदी सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का 'हल्ला-बोल', संयुक्त किसान मोर्चा ने की 27 सितंबर को भारत बंद की घोषणा!

Bharat Bandh: मोदी सरकार (Modi Govt) द्वारा बीते साल सितंबर 2020 में लाए गए तीन नए कृषि कानूनों (Three New Agricultural Laws) को आज एक साल पूरा हो चुका है. इन तीनों ही कृषि कानूनों को पहले दिन से विरोध हो रहा है. करीब 9 महीने से पहले दिल्ली सीमाओं पर किसान दिन-रात आंदोलन (Farmers Protest at Delhi boarders) कर रहे हैं.

Bharat Bandh: मोदी सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का 'हल्ला-बोल', संयुक्त किसान मोर्चा ने की 27 सितंबर को भारत बंद की घोषणा!
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: PTI)

Bharat Bandh: मोदी सरकार (Modi Govt) द्वारा बीते साल सितंबर 2020 में लाए गए तीन नए कृषि कानूनों (Three New Agricultural Laws) को आज एक साल पूरा हो चुका है. इन तीनों ही कृषि कानूनों को पहले दिन से विरोध हो रहा है. करीब 9 महीने से पहले दिल्ली सीमाओं पर किसान दिन-रात आंदोलन (Farmers Protest at Delhi boarders) कर रहे हैं. सरकार और किसान संगठनों के बीच करीब एक दर्ज दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अब तक इन कानूनों को वापस नहीं लिया गया.

वहीं अब किसान संगठन देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग जगह मोदी सरकार के इन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी फेहरिस्त में संयुक्त किसान मोर्चा ने आगामी 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा के अलावा कई और किसान संगठन भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.

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किसानों ने 27 सितंबर को भारत बंद ऐलान के साथ ही कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं. संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले भारत बंद के जारी दिशा निर्देशों में बताया गया कि 27 सितंबर को भारत बंद के दौरान क्या बंद रहेगा और किसे छूट मिलेगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'किसान विरोधी मोदी सरकार के खिलाफ भारत बंद', 'मोदी करेगा मंडी बंद, किसान करेंगे भारत बंद', और 'नरेन्द्र मोदी, किसान विरोधी' जैसे बैनर तले प्रदर्शन किया जाएगा. भारत बंद सुबह 6 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रहेगा.

ये चीजें रहेंगी बंद

- केंद्र और राज्य सरकार के सभी दफ्तर और संस्थाएं

- बाजार, दुकान और उद्योग - स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और सभी तरह के शिक्षण संस्थान

- हर तरह का सार्वजनिक यातायात और निजी वाहन

- किसी भी तरह का सरकारी या गैर सरकारी सार्वजनिक फंक्शन

भारत के दौरान इन्हें रहेगी छूट

- अस्पताल, मेडिकल स्टोर, एंबुलेंस और कोई भी मेडिकल सेवा

- किसी भी तरह की सार्वजनिक (फायर ब्रिगेड, आपदा राहत आदि) या व्यक्तिगत इमरजेंसी (मृत्यु, बीमारी, शादी आदि

- स्थानीय संगठनों द्वारा दी गई और कोई भी छूट

बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए हैं. किसान मोर्चा ने कहा है कि बंद के दौरान लोगों से दुकाने बंद करने की जोर जबरदस्ती नहीं की जाए. उनसे स्वेच्छा से सब कुछ बंद करने की अपील की जाए.

इन दिशा निर्देशों के मुताबिक, किसान मोर्चा ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि इस आंदोलन में किसी भी किस्म की हिंसा या तोड़फोड़ की कोई जगह नहीं है. यह बंद किसान विरोधी सरकार के खिलाफ है, पब्लिक के खिलाफ नहीं. इसलिए पब्लिक को कम से कम तकलीफ हो, इसका ध्यान रखा जाएगा. बंद वाले दिन संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बंद के समर्थन में कोई सभा आयोजित की जा सकती है. मोर्चे के मंच से कोई राजनैतिक नेता भाषण नहीं देगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2021 11:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).