Bharat Band: महाराष्ट्र में 'भारत बंद' को मिलीजुली प्रतिक्रिया, हालात शांतिपूर्ण
केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के 'भारत बंद' को लेकर महाराष्ट्र में मंगलवार सुबह मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली, विशेषकर शहरी केंद्रों में, साथ ही किसी भी हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. कई राजीतिक दलों ने बंद का समर्थन किया है.
मुंबई, 8 दिसंबर : केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के 'भारत बंद' (Bharat Band) को लेकर महाराष्ट्र में मंगलवार सुबह मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली, विशेषकर शहरी केंद्रों में, साथ ही किसी भी हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. कई राजीतिक दलों ने बंद का समर्थन किया है. हालांकि, राज्य भर के सभी एपीएमसी मंडियां सुबह में सुनसान थी, दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के, विशेष रूप से शहरों और कस्बों में, प्रभावित होने की संभावना नहीं है क्योंकि खुदरा विक्रेता संगठन ने बंद से खुद को दूर रखा है.
मुंबई, नागपुर, पुणे, औरंगाबाद, नासिक, और कोल्हापुर जैसे प्रमुख शहरों में, सुबह ट्रैफिक सामान्य थी, हालांकि किसान संगठन 'स्वाभिमानी शेतकारी संगठन' ने बाद में सड़क और रेल यातयात अवरुद्ध करने की घोषणा की है. हालांकि थोक बाजार बंद रहे, खुदरा सब्जी बाजार और स्थानीय विक्रेताओं को कई शहरों में देखा गया, इसके अलावा सार्वजनिक सेवा बस सेवा, टैक्सियां, ऑटो-रिक्शा, एग्रीगेटर कैब, कुछ भारी वाहन जो आवश्यक चीजें लेकर जा रहे हैं, इनका परिचालन सुचारु रूप से हो रहा है.
'भारत बंद' को सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी सहयोगी शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन विकास अघाड़ी, अधिकांश दलित दलों, सीपीआई, सीपीआई-एम और अन्य वामपंथी दलों, कई छात्र संगठनों और छात्रों का समर्थन है. प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों, ट्रेड यूनियनों की जॉइंट एक्शन कमिटी जिसमें राज्य के सभी बैंक यूनियनों के अलावा कई ट्रेड यूनियन शामिल हैं, इसके अलावा व्यापार और वाणिज्य क्षेत्रों में कई अन्य बड़े और छोटे समूह बंद का समर्थन कर रहे हैं.
हालांकि, राज्य की विपक्षी भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी बंद का समर्थन नहीं कर रहे हैं और अन्य सभी पार्टियों पर 'किसानों और लोगों को गुमराह करने' का आरोप लगाया है. यह कहते हुए कि यह 'राजनीतिक बंद नहीं' है, शिवसेना ने सभी लोगों से देश भर के किसानों के समर्थन में स्वेच्छा से भाग लेने की अपील की है जो तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 08, 2020 11:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

