Bengaluru Shocker: पब के लेडिज टॉयलेट में मिली बैंक मैनेजर की लाश, बेंगलुरु पुलिस ने शुरू की जांच
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के राजराजेश्वरीनगर इलाके में स्थित एक पब के लेडिज टॉयलेट में एक बैंक मैनेजर की लाश मिली है. यह घटना शुक्रवार सुबह हुई. मृतक की पहचान मेघराज उर्फ मेघानंद के रूप में हुई है, जो पेशे से बैंक मैनेजर थे. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है...
बेंगलुरु, 10 अक्टूबर: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) के राजराजेश्वरीनगर इलाके में स्थित एक पब के लेडिज टॉयलेट में एक बैंक मैनेजर की लाश मिली है. यह घटना शुक्रवार सुबह हुई. मृतक की पहचान मेघराज उर्फ मेघानंद के रूप में हुई है, जो पेशे से बैंक मैनेजर थे. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मेघराज उल्लाल मेन रोड पर रहते थे और मूल रूप से मांड्या जिले के मद्दुर के रहने वाले थे. वह जन स्मॉल फाइनेंस बैंक में मैनेजर थे. इस दुखद घटना ने उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है. उनके परिवार में पत्नी और छह महीने का एक बच्चा है. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और पब स्टाफ से पूछताछ कर रही है, ताकि मौत के पीछे की वजह स्पष्ट की जा सके. यह भी पढ़ें: UP Shocker: शाहजहांपुर में करवा चौथ पर पति द्वारा साड़ी न दिए जाने पर पत्नी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
ख़बरों के अनुसार मेघराज गुरुवार रात, 9 अक्टूबर को अपने तीन दोस्तों के साथ बेंगलुरु के 1522 पब में गए थे. उन्होंने वहां बियर पी और खाना खाया. 12 बजे के बाद पब ने ड्रिंक परोसना बंद कर दिया. 12:45 के बाद मेघराज को उल्टी जैसा महसूस हुआ और उन्होंने अपने दोस्तों को बताया. वह तेजी से वॉशरूम की ओर भागा, लेकिन गलती से महिलाओं के वॉशरूम में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया.
काफी देर तक जब वह वापस नहीं आये तो उनके दोस्तों ने पब के कर्मचारियों को सुचना दी. पब के स्टाफ ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें मेघराज को महिलाओं के वॉशरूम में जाते हुए देखा गया. जब दरवाजा तोड़ा गया तो मेघराज अंदर बेजान पड़े मिले. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. लेकिन उनकी मौत काफी पहले ही हो चुकी थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के असली कारण का पता लगाया जा सके.