Bengaluru Police: कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु के एक पुलिस इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी अधिकारी की पहचान केपी अग्रहारा पुलिस थाने में तैनात इंस्पेक्टर गोविंदराजू के रूप में हुई है. लोकायुक्त की टीम ने उन्हें बुधवार शाम करीब 4:30 बजे चामराजपेट स्थित सीएआर (CAR) ग्राउंड में ₹4 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ा.
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई मोहम्मद अकबर नाम के एक बिल्डर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है. अकबर ने आरोप लगाया था कि एक आपराधिक मामले में राहत देने और चार्जशीट से नाम हटाने के बदले में इंस्पेक्टर गोविंदराजू ने ₹5 लाख की मांग की थी. शिकायत के अनुसार, अकबर पहले ही 24 जनवरी 2026 को सिर्सी सर्कल के पास ₹1 लाख दे चुका था और बाकी के ₹4 लाख बुधवार को दिए जाने थे.
बेंगलुरु में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
A police inspector was caught red-handed by #Lokayukta officials while allegedly accepting a bribe of Rs 4 lakh from a real estate businessman for not naming him in a case.
The accused has been identified as Govindaraju, Police Inspector of K.P. Agrahara police station.… pic.twitter.com/t7YJhmrluL
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) January 30, 2026
लोकायुक्त का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. जैसे ही इंस्पेक्टर गोविंदराजू ने निर्धारित स्थान पर बिल्डर से ₹4 लाख नकद लिए, वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त अधिकारियों ने उन्हें दबोच लिया. गिरफ्तारी के दौरान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें इंस्पेक्टर वर्दी में चिल्लाते और विरोध करते नजर आ रहे हैं.
पुराने लेनदेन के भी आरोप
बिल्डर मोहम्मद अकबर ने लोकायुक्त को बताया कि यह पहली बार नहीं था जब इंस्पेक्टर ने पैसे मांगे थे. उसने आरोप लगाया कि साल 2025 के अंत में भी एक पुराने विवाद को सुलझाने के नाम पर इसी अधिकारी ने उससे ₹6 लाख की वसूली की थी. सबूत के तौर पर अकबर ने लोकायुक्त अधिकारियों को एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें रिश्वत की मांग से संबंधित कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है.
कानूनी कार्रवाई और जांच जारी
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर गोविंदराजू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7(a) के तहत एफआईआर दर्ज की है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में कोई अन्य अधिकारी भी शामिल था या नहीं.











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