चेन्नई की एक मेकअप आर्टिस्ट को ब्यूटी पार्लर ट्रीटमेंट करवाना बेहद भारी पड़ गया. ‘हर्बल ट्रीटमेंट’ के नाम पर किए गए एक केमिकल प्रयोग के कारण महिला ने अपने दोनों कानों के लोब (Earlobes) गंवा दिए. उपभोक्ता फोरम ने पार्लर की लापरवाही को गंभीर मानते हुए 5 लाख रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये मुकदमे का खर्चा अदा करने का आदेश दिया है. वी जयंती नाम की महिला मार्च 2023 में Abbe Herbal Beauty Parlour पहुंचीं. उन्हें बताया गया कि उनके कानों में बड़े छेद को “हर्बल ट्रीटमेंट” से छोटा किया जा सकता है.
महिला ने 2,000 रुपये देकर ट्रीटमेंट शुरू करवाया. पार्लर वालों ने उनके कानों पर एक “हर्बल मिक्स” लगाया, जिसके तुरंत बाद उन्हें जलन महसूस होने लगी. जब उन्होंने स्टाफ से पूछा तो उन्हें आश्वासन दिया गया कि यह सामान्य प्रक्रिया है.
हर्बल ट्रीटमेंट से बिगड़ी महिला की हालत
महिला ने बताया कि कुछ दिनों बाद पार्लर वालों ने फिर से वही केमिकल लगाया और कानों को प्लास्टर में लपेट दिया. इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी. कानों से बदबू आने लगी और एक महीने में कानों के लोब फटकर सिर्फ त्वचा की एक पतली परत से लटकने लगे.
जिंदगी पर पड़ा गहरा असर
जयंती पेशे से मेकअप आर्टिस्ट हैं और उनके लिए अपनी पर्सनैलिटी बहुत मायने रखती है. हादसे के बाद उन्होंने बताया कि वे आत्मविश्वास खो बैठीं और लोगों के सामने जाने से कतराने लगीं. उनके बच्चों पर भी इसका गहरा असर पड़ा. यहां तक कि उनका छोटा बच्चा भी उन्हें देखकर घबरा जाता था. इस हादसे ने उनके करियर और आमदनी दोनों पर असर डाला.
हर्बल मिक्स में निकला एसिड
जब जयंती ने मेडिकल मदद ली तो पार्लर की मालकिन अखिलान्देश्वरी उन्हें त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास और फिर Apollo Hospitals Vanagaram लेकर गईं. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ जिस हर्बल मिक्स का इस्तेमाल हुआ था, उसमें Trichloroacetic acid नाम का तेजाब मिला हुआ था, जो त्वचा को जला सकता है. अगस्त 2023 में सर्जरी के जरिए उनके दोनों कानों के लोब हटाने पड़े ताकि संक्रमण न फैले.
पार्लर वालों ने पहले तो प्लास्टिक सर्जरी का खर्च उठाने का वादा किया, लेकिन बाद में पीछे हट गए. इसके बाद जयंती ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा.
फोरम का फैसला: लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, चेन्नई में हुई. जांच में पाया गया कि पार्लर की ओर से बिना किसी मेडिकल अनुमति के यह प्रक्रिया की गई थी. पुलिस चार्जशीट में भी IPC Section 338 (गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत आरोप सिद्ध हुआ. 24 सितंबर को आयोग ने पार्लर की मालकिन अखिलान्देश्वरी को दोषी मानते हुए 5 लाख रुपये मुआवजा और 5 हजार रुपये मुकदमे का खर्चा 60 दिन में अदा करने का आदेश दिया.













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