What is Balika Samriddhi Yojana? बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार ने 'बालिका समृद्धि योजना' (Balika Samriddhi Yojana) शुरू की है. यह योजना खास तौर पर गरीब परिवारों के लिए बनाई गई है, जहां अक्सर आर्थिक तंगी की वजह से बेटी का जन्म बोझ माना जाता है. इसके तहत सरकार न सिर्फ बेटी के जन्म (Government Girl Child Scheme) पर आर्थिक सहयोग देती है, बल्कि उसकी पढ़ाई का खर्च भी उठाती है और साथ ही बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने का प्रयास करती है.
जन्म से लेकर 18 साल तक आर्थिक और शैक्षणिक सहायता
इस योजना के तहत, बेटी के जन्म पर परिवार को 500 रुपये की एकमुश्त (Lum Sum) राशि दी जाती है. इसके बाद, पहली से दसवीं कक्षा तक हर साल उन्हें स्कॉलरशिप दी जाती है, जिसकी राशि 300 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक होती है. यह राशि सीधे लड़की के बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते (Post Office Accounts) में जमा की जाती है.
सबसे खास बात यह है, कि यदि लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले नहीं होती है, तो 18 साल की उम्र पूरी होने पर वह जमा की गई पूरी राशि निकाल सकती है, और इसे अपनी पढ़ाई, किताबों, यूनिफॉर्म या अन्य जरूरी खर्चों में उपयोग कर सकती है.
योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना के मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकना, लड़कियों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और परिवार तथा समाज में बेटियों के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव लाना है.
कौन उठा सकता है लाभ?
इस योजना का लाभ केवल बीपीएल कार्ड धारक (BPL Card Holder) परिवारों की बेटियों को ही मिलेगा. इसके लिए लड़की की उम्र 18 साल से कम होनी चाहिए और परिवार के पास लड़की का जन्म प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है.
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
परिवार को इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र (Anganwadi Centre), गट विकास कार्यालय (Group Development Office) या महिला एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Development Department) से फॉर्म लेना होगा. आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज़ों में बेटी का जन्म प्रमाणपत्र, परिवार का बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड और बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते का विवरण शामिल होना चाहिए. ध्यान देने योग्य बातें यह हैं, कि योजना का लाभ केवल पहली दो बेटियों तक ही सीमित है, यदि बेटी की शादी 18 साल से पहले हो जाती है, तो जमा राशि का लाभ नहीं मिलेगा, और आवेदन फॉर्म में दी गई जानकारी सही और अपडेटेड होनी चाहिए.
बालिका समृद्धि जैसी योजनाएं न केवल बेटियों की पढ़ाई में मदद करती हैं, बल्कि समाज की सोच बदलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इससे यह संदेश जाता है, कि ‘बेटियां बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज की ताकत हैं.’













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