Lucknow Attack Video: लखनऊ के CBI ऑफिस के बाहर एएसआई पर शख्स ने किया धनुष्यबाण के तीर से हमला, सीसीटीवी फुटेज आया सामने, आरोपी हुआ गिरफ्तार
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश: लखनऊ में स्थित CBI दफ्तर के बाहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सुरक्षा में तैनात ASI वीरेंद्र सिंह पर शुक्रवार शाम एक व्यक्ति ने तीर से हमला कर दिया. इस हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस घटना का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में देख सकते है एक शख्स गेट पर खड़ा होता है और जैसे ही पुलिस एएसआई उसके पास जाता है, शख्स अपने थैले से धनुष्य बाण बाहर निकालता है और एएसआई पर हमला करता है.इसके बाद एएसआई घायल अवस्था में कैबिन में जाता है और दुसरे कर्मचारी भी अंदर छिप जाते है. इसके बाद ये शख्स अंदर बाण लेकर घुसता और इसके बाद कर्मचारी इसे दबोच लेते है और डंडे से इसकी जमकर पिटाई करते है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया X पर @priyarajputlive नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:VIDEO: लखनऊ के विधानसभा के सामने शख्स ने परिवार के साथ की आत्मदाह की कोशिश, असलियत पता चलने पर हैरान रह गई पुलिस

सीबीआई ऑफिस के बाहर एएसआई पर शख्स ने किया तीर से हमला

क्या है पूरी घटना?

यह घटना तब घटी जब 50 वर्षीय दिनेश मुर्मू, जो कि बिहार का रहने वाला है, सीबीआई दफ्तर के गेट के पास संदिग्ध अवस्था में खड़ा था. जब ड्यूटी पर तैनात ASI वीरेंद्र सिंह ने उससे वहां खड़े होने का कारण पूछा और हटने के लिए कहा, तो आरोपी ने झोले से धनुष और बाण निकालकर उन पर हमला कर दिया.इस हमले में ASI गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. हमलावर को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया.

आरोपी का आपराधिक व मानसिक इतिहास

पुलिस पूछताछ में पता चला है कि दिनेश मुर्मू पहले रेलवे में कार्यरत था, लेकिन वर्ष 2000 में आक्रामक व्यवहार के चलते बर्खास्त कर दिया गया था. वह पूर्व में दिल्ली और जौनपुर में पुलिसकर्मियों से मारपीट के मामलों में जेल जा चुका है.कुछ समय पहले मुर्मू ने एक रेलवे ट्रैक इंस्पेक्टर पर 200 रुपये की घूस मांगने की शिकायत सीबीआई में की थी, जिसमें कार्रवाई भी हुई थी. तब से वह खुद को सीबीआई से जुड़ा समझने लगा और मानसिक रूप से असंतुलित हो गया.

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस तरह की घटना देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के मुख्यालय की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है. एक मानसिक रूप से असंतुलित व्यक्ति का हथियार लेकर इस प्रकार से हमला करना, यह दर्शाता है कि सुरक्षा जांच और सतर्कता में कहीं न कहीं बड़ी चूक हुई है.