Arunachal Pradesh: तवांग की सेला झील में बड़ा हादसा, साथी को बचाने के चक्कर में केरल के 2 पर्यटकों की डूबने से मौत

अरुणाचल प्रदेश की प्रसिद्ध सेला झील में एक दुखद घटना घटी है, जहां जमी हुई झील की बर्फ टूटने से केरल के दो पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई. दोनों युवक अपने एक अन्य साथी को बचाने के लिए बर्फीले पानी में कूदे थे.

कैमरे में कैद डूबने की घटना (Photo Credits: @PTI_News)

Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के ऊंचाई वाले क्षेत्र तवांग (Tawang) में स्थित प्रसिद्ध 'सेला झील' (Sela Lake) में शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसा हो गया. जमी हुई झील की सतह टूटने के कारण केरल (Kerala) के दो पर्यटकों (Tourists) की डूबने से मौत हो गई. मृतकों की पहचान 26 वर्षीय दीनू और 24 वर्षीय महादेव के रूप में हुई है. ये दोनों सात सदस्यों के उस समूह का हिस्सा थे, जो हाल ही में गुवाहाटी के रास्ते तवांग घूमने पहुंचा था.

अधिकारियों के अनुसार, दोनों युवकों ने अपने एक साथी को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी, जो बर्फ की पतली परत टूटने के कारण पानी में गिर गया था. यह भी पढ़ें: 'Jeeja Saali' Suicide in Hardoi: हरदोई में 'जीजा-साली' ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, प्रेम संबंधों का था मामला, लखनऊ-दिल्ली रेल मार्ग पर हुई घटना

साथी को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा

यह घटना शुक्रवार, 16 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे समुद्र तल से 13,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर हुई. स्थानीय पुलिस रिपोर्टों के मुताबिक, पर्यटक समूह का एक सदस्य, आनंदू (27), झील के बीचों-बीच जमी बर्फ पर चला गया था. अचानक बर्फ की परत फट गई और वह जमा देने वाले ठंडे पानी में गिर गया. उसे बचाने के लिए दीनू और महादेव तुरंत आगे बढ़े. स्थानीय लोगों और भारतीय सेना के जवानों की मदद से आनंदू को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दीनू और महादेव बर्फ के नीचे दब गए और बाहर नहीं निकल पाए.

अरुणाचल प्रदेश की सेला झील में बचाव की कोशिश जानलेवा साबित हुई

चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान

तवांग जिला प्रशासन ने स्थानीय पुलिस, सशस्त्र सीमा बल (SSB) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के साथ मिलकर एक संयुक्त खोज अभियान शुरू किया.

सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी बनी वजह

तवांग के पुलिस अधीक्षक (SP) डीडब्ल्यू थोंगोन ने बताया कि प्रशासन ने 17 दिसंबर को ही पर्यटकों के लिए स्पष्ट एडवाइजरी जारी की थी. इसमें जमी हुई झीलों पर चलने के खतरों के प्रति आगाह किया गया था.

पर्यटकों के लिए चेतावनी

सेला झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन सर्दियों में यह एक उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बन जाता है. बर्फ की असमान मोटाई और पतली हवा (कम ऑक्सीजन) के कारण यहां बचाव अभियान चलाना भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें.

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