जम्मू-कश्मीर: सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 35A पर आज होगी सुनवाई, जानें क्या है ये आर्टिकल
फाइल तस्वीर (Photo: IANS)

संविधान के अनुच्छेद 35ए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई होगी. ऐसा बताया जा रहा है कि आज अदालत में इस बात का फैसला किया जाएगा कि मामले को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेजा जाए या नहीं. सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई में तीन जजों की पीठ आज की सुनवाई में तय करेगी कि क्या इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजा जाए या नहीं. इससे पहले शीर्ष अदालत ने 6 अगस्त को एक संक्षिप्त आदेश देते हुए कहा था कि, "इस मामले को याचिकाकर्ता की प्रारंभिक बहस के परीक्षण के लिए 27 अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध किया जाए."

बता दें कि शीर्ष अदालत ने एक मई को केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार से संविधान के अनुच्छेद 35 ए को असंवैधानिक बताने वाली याचिकाओं के संबंध में जवाब मांगा था. वैसे यह मुद्दा सीमावर्ती राज्य कश्मीर के लिए हमेशा से संवेदनशील रहा है. पिछली बार इस मामले की सुनवाई के दौरान अलगाववादियों ने घटी में बंद का आवाहन किया था.

क्या है अनुच्छेद 35A:

अनुच्छेद 35A 14 मई, 1954 को लागू हुआ था. अनुच्छेद 35A, जम्मू-कश्मीर को राज्य के रूप में विशेष अधिकार देता है. इसके तहत दिए गए अधिकार ‘स्थाई निवासियों’ से जुड़े हुए हैं. इस विशेष कानून के चलते बाहर का कोई भी व्यक्ति घाटी में संपत्ति नहीं खरीद सकता. साथ ही, कोई बाहरी शख्स राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा भी नहीं उठा सकता है. वहां सरकारी नौकरी भी किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं मिल सकती है.

राजनीतिक दल भी समर्थन में:

सूबे के कई सियासी दल अनुच्छेद 35A के समर्थन में है. फारुक अब्दुल्ला की नैशनल कॉन्फ्रेंस और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी, सीपीएम और राज्य कांग्रेस ने भी इस अनुच्छेद के समर्थन में कई प्रदर्शन किए हैं और यथास्थिति बहाल रखने की ही मांग कर रहे हैं. वहीं, बीजेपी का मनाना है कि यह आर्टिकल राज्य के हित में नहीं है.