Fake Call and SMS Scams: क्या आप भी फर्जी कॉल्स और फेक मैसेज से हैं परेशान? सरकार ने तैयार किया नया डिजिटल हथियार, अब साइबर ठगों की खैर नहीं
आज के दौर में फोन उठाते ही कभी इनाम का लालच, तो कभी कोई बैंक अपडेट वाला झांसा मिलना आम बात हो गई है. लेकिन अब ऐसे जालसाजों की खैर नहीं.
Fake Call and SMS Scams: आज के दौर में फोन उठाते ही कभी इनाम का लालच, तो कभी कोई बैंक अपडेट वाला झांसा मिलना आम बात हो गई है. लेकिन अब ऐसे जालसाजों की खैर नहीं. सरकार ने मोबाइल यूजर्स को साइबर ठगी से बचाने के लिए कमर कस ली है. नए डिजिटल टूल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लोगों की भागीदारी के दम पर अब देश में फर्जी कॉल्स और धोखाधड़ी पर लगाम कसने की तैयारी है. सरकार ने एक नया डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म यानी DIP लॉन्च किया है, जो पुलिस, बैंक, टेलीकॉम कंपनियों और जांच एजेंसियों को एक साथ जोड़ता है.
इसका मकसद है एक-दूसरे के साथ रियल टाइम जानकारी शेयर कर पाना, ताकि फर्जी नंबर या संदिग्ध एक्टिविटी की पहचान तेजी से हो सके. इस प्लेटफॉर्म से अब तक करीब 620 संस्थाएं जुड़ चुकी हैं.
'FRI' टूल का क्या काम है?
इसके साथ ही एक खास टूल 'FRI' यानी फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर भी तैयार किया गया है, जो हर मोबाइल नंबर का रिस्क लेवल बताता है. इस टूल से बैंक, UPI सेवा देने वाली कंपनियां और लोन ऐप्स पहले ही सतर्क हो सकेंगी. नंबर को तीन कैटेगरी में बांटा गया है – मीडियम, हाई और एक्स्ट्रीम रिस्क. मतलब अगर कोई नंबर संदेहास्पद निकला तो पहले से अलर्ट मिलने लगेगा.
लेकिन सरकार की तैयारी सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं है. आम लोगों को जागरूक करने के लिए भी कई बड़े कदम उठाए गए हैं. 'संचार साथी' नाम से एक ऐप और पोर्टल लॉन्च किया गया है, जहां कोई भी व्यक्ति फर्जी कॉल, स्पैम मैसेज या साइबर ठगी की शिकायत कर सकता है.
‘ASTR’ AI टूल भी हुआ तैयार
इसके अलावा ‘संचार मित्र’ नाम से एक वॉलंटियर प्रोग्राम भी चल रहा है, जिसमें कॉलेज स्टूडेंट्स लोगों को डिजिटल सेफ्टी के बारे में जानकारी दे रहे हैं. एक और बड़ी समस्या है स्पूफिंग यानी जब विदेशी नंबर भारत के नंबर जैसा दिखता है. अब इसे पकड़ने के लिए भी एक खास सिस्टम बना लिया गया है.
वहीं फर्जी डॉक्यूमेंट पर सिम लेने वालों पर नजर रखने के लिए ‘ASTR’ नाम का एक देसी AI टूल तैयार किया गया है, जो एक ही शख्स के अलग-अलग नाम से लिए गए नंबरों को ट्रैक कर सकता है.
साइबर ठगों की दुकान बंद होना तय!
सरकार की ये नई पहल न सिर्फ टेक्नोलॉजी से लैस है बल्कि आम जनता को भी इसमें शामिल कर रही है. अगर लोग जागरूक रहें और ऐसे प्लेटफॉर्म्स का सही इस्तेमाल करें, तो साइबर ठगों की दुकान बंद होना तय है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2025 12:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

