एंटिगुआ के पीएम गैस्टन ब्राउन ने संसद में चोकसी मामले पर सवालों का सामना किया
एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन को भारतीय भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी के मामले में संसद में कई तीखे सवालों का सामना करना पड़ा. चोकसी 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है.
नई दिल्ली, 23 जून : एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन (Gaston Brown) को भारतीय भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के मामले में संसद में कई तीखे सवालों का सामना करना पड़ा. चोकसी 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है. कैरिबियाई देश में एक समाचार आउटलेट, एंटीगुआ न्यूज रूम द्वारा मंगलवार को साझा की गई संसदीय कार्यवाही की एक क्लिप के अनुसार, ब्राउन ने कहा, अध्यक्ष महोदय, मुझे सबूतों की जानकारी नहीं है, लेकिन पब्लिक डोमेन में यह जानकारी है कि मेहुल चोकसी का अपहरण किया गया था. मुझे पता है कि यहां कानून प्रवर्तन ने जांच की है और उन्होंने संभवत: ऐसे लोगों का पता लगाया हो सकता है, जिनके पास इस संबंध में जानकारी हो सकती है, लेकिन जहां तक साक्ष्य की बात है तो मुझे यह जानकारी नहीं है कि ऐसा कोई निर्णायक सबूत है या नहीं.
यह पूछे जाने पर कि क्या स्कॉटलैंड यार्ड या किसी अन्य एजेंसी ने चोकसी के कथित अपहरण के बारे में उनकी सरकार से संपर्क किया है, तो इस पर ब्राउन ने ना में जवाब दिया. ब्राउन से विपक्षी नेता जमाल प्रिंगल ने सवाल किया था. एंटीगुआ के प्रधानमंत्री से कथित तौर पर पूछा गया कि क्या स्कॉटलैंड यार्ड या किसी अन्य जांच निकाय को कोई सबूत मिला है कि मेहुल चोकसी को अनैच्छिक तरीकों से यानी उनकी मर्जी के बिना डोमिनिका ले जाया गया था. दरअसल चोकसी 23 मई को लापता हो गया था और उसे खोजने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था. उसे डोमिनिका में पकड़ लिया गया, जहां वह अवैध तरीके से प्रवेश के आरोपों का सामना कर रहा है. डोमिनिकन कोर्ट ने 18 जून को स्वास्थ्य में गिरावट के बावजूद चोकसी को डोमिनिका स्टेट जेल में रिमांड पर लेने का आदेश दिया है. यह भी पढ़ें : Golden Mask: गोल्डन बाबा को मिला अपने लिए सोने का मास्क
मजिस्ट्रेट ने चोकसी को 24 जून तक के लिए रिमांड पर भेजा है और वह फिर से अदालत में पेश होगा. इसके अलावा 25 जून को अवैध प्रवेश के संबंध में उसके खिलाफ मुकदमा शुरू होने की उम्मीद है. चोकसी के वकीलों द्वारा हाईकोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण के मामले को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है. 11 जून को उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने इस आधार पर भगोड़े हीरा कारोबारी को जमानत देने से इनकार कर दिया था कि उसे लेकर उड़ान जोखिम (फ्लाइट रिस्क) है. बता दें कि फ्लाइट रिस्क उस व्यक्ति से संबंधित होता है, जिसके देश छोड़कर भागने की संभावना होती है. 8 जून को भारतीय अधिकारियों ने डोमिनिकन उच्च न्यायालय में दायर अपने हलफनामे में चोकसी को एक भारतीय नागरिक के रूप में वर्णित किया था. बता दें कि चोकसी ने 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी और बैंक ऋण धोखाधड़ी का मामला सामने आने से कुछ दिनों पहले ही 4 जनवरी 2018 को उसने भारत छोड़ दिया था. वह 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भारत में वांछित है. चोकसी के वकीलों ने दलील दी है कि भारतीय भगोड़े व्यवसायी का एंटीगुआ और भारतीय जैसे दिखने वाले पुलिसकर्मियों ने 21 मई को एंटीगुआ से अपहरण कर लिया और उसे नाव पर डोमिनिका लाया गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 23, 2021 03:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

