Akshaya Tritiya 2020: अक्षय तृतीया पर प्रयागराज के संगम में लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी, लॉकडाउन के चलते दिखे काफी कम श्रद्धालु
वैसे तो हर साल अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम पर लोगों का सैलाब उमड़ता है, लेकिन इस साल कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन का दूसरा चरण चल रहा है, ऐसे में जहां अधिकांश लोग अक्षय तृतीया के अवसर पर अपने घरों में बंद हैं, तो वहीं कुछ लोग आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम घाट पहुंचे.
Akshaya Tritiya 2020: कोरोना वायरस प्रकोप (Coronavirus Outbreak) के चलते जारी लॉकडाउन (Lockdown) के बीच आज देशभर में अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का पर्व मनाया जा रहा है. लॉकडाउन के चलते लोग अपने घरों में रहकर इस त्योहार को सादगी से मना रहे हैं. हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का बहुत महत्व बताया जाता है और इस दिन गंगा में स्नान, जप-ध्यान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करके दान-पुण्य करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, इसलिए अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर अधिकांश लोग गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं. हालांकि इस साल कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते बहुत कम लोग ही प्रयागराज (Prayagraj) स्थित त्रिवेणी संगम (Triveni Sangam) पर पहुंचे.
वैसे तो हर साल अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम पर लोगों का सैलाब उमड़ता है, लेकिन इस साल कोरोना वायरस संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन का दूसरा चरण चल रहा है, ऐसे में जहां अधिकांश लोग अक्षय तृतीया के अवसर पर अपने घरों में बंद हैं, तो वहीं कुछ लोग आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम घाट पहुंचे. अक्षय तृतीया पर बहुत कम लोगों ने ही गंगा में आस्था की डुबकी लगाई. यह भी पढ़ें: Happy Akshaya Tritiya 2020 Messages: प्रियजनों को दें अक्षय तृतीया की बधाई, इस शुभ अवसर पर भेजें ये शानदार हिंदी WhatsApp Stickers, Facebook Greetings, GIF Images, SMS, Quotes और वॉलपेपर्स
संगम में आस्था की डुबकी
Very few devotees take holy dip in Triveni Sangam in Prayagraj on the occasion of 'Akshaya Tritiya', amid lockdown to prevent COVID19 transmission pic.twitter.com/xO7AkUFewa
— ANI UP (@ANINewsUP) April 26, 2020
गौरतलब है कि हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया की तिथि को बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन पंचांग या मुहूर्त देखे बिना ही शादी-ब्याह, गृह प्रवेश, भूमि, वाहन, गहने और नए वस्त्रों की खरीददारी की जा सकती है. देश के कुछ हिस्सों में अक्षय तृतीया को आखा तीज भी कहा जाता है. इस दिन माता लक्ष्मी (Mata Laxmi) और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा की जाती है. इसके साथ इस दिन किए गए दान-पुण्य, स्नान और धार्मिक कार्यों से कभी न खत्म होने वाले अक्षय फलों की प्राप्ति होती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2020 08:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

