'अजित दादा' पंचतत्व में विलीन: राजकीय सम्मान के साथ बारामती में हुआ अंतिम संस्कार, दोनों बेटों ने दी मुखाग्नि (Watch Videos)

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार 29 जनवरी को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में संपन्न हुआ. देश के शीर्ष नेताओं और हजारों समर्थकों की उपस्थिति में उन्हें नम आंखों से विदाई दी गई. उनके दोनों बेटों ने उन्हें मुखाग्नि दी.

अलविदा अजित दादा (Photo Credits: ANI)

बारामती/पुणे: महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) के एक युग का गुरुवार को बारामती (Baramati) में भावुक अंत हो गया. उपमुख्यमंत्री (Maharashtra Deputy Chief Minister) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता अजित पवार (Ajit Pawar) का अंतिम संस्कार (Funeral) पूरे राजकीय सम्मान के साथ विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में संपन्न हुआ. उनके दोनों बेटों, पार्थ और जय पवार (Parth And Jay Pawar) ने मिलकर अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी. इस दौरान पूरा बारामती 'अजित दादा अमर रहे' के नारों से गूंज उठा.

बुधवार को हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद राज्य में घोषित तीन दिवसीय राजकीय शोक के बीच, गुरुवार सुबह 11:30 बजे के करीब विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई. यह भी पढ़ें: 'अजित दादा अमर रहे' के नारों से गूंजी बारामती; नम आंखों से उपमुख्यमंत्री को अंतिम विदाई, विद्या प्रतिष्ठान में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि

पार्थ और जय पवार ने दी पिता अजित पवार को मुखाग्नि

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का अंतिम संस्कार

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

अजित पवार की अंतिम यात्रा सुबह उनके पैतृक आवास 'काटेवाडी' से शुरू हुई. फूलों से सजे वाहन में उनके पार्थिव शरीर को जब बारामती की सड़कों से ले जाया गया, तो हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग अपने नेता की एक झलक पाने के लिए छतों और पेड़ों पर चढ़े नजर आए। बारामती के चप्पे-चप्पे पर केवल ‘अजित दादा, परत या’ (अजित दादा, वापस आ जाओ) की गूंज सुनाई दे रही थी.

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

देश के शीर्ष नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

अजित पवार को अंतिम विदाई देने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश के कई दिग्गज नेता बारामती पहुंचे:

गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने डिप्टी सीएम अजीत पवार को अंतिम श्रद्धांजलि दी.

राजकीय सम्मान और विदाई की रस्में

अंतिम संस्कार से पहले महाराष्ट्र पुलिस के दस्ते ने अजित पवार को बंदूकों की सलामी (Gun Salute) दी. तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर से ध्वज हटाकर पूरे सम्मान के साथ उनके बेटे जय पवार को सौंपा गया. इसके बाद ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच अंतिम संस्कार की रस्में निभाई गईं. यह भी पढ़ें: Ajit Pawar Funeral: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का बारामती में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

शोक में डूबा महाराष्ट्र

अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र में गहरा राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है. प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए थे, फिर भी भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था. बारामती के स्थानीय लोगों के लिए यह एक व्यक्तिगत क्षति है, क्योंकि वे अजित पवार को अपने रक्षक और विकास पुरुष के रूप में देखते थे.

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