वाशिम, महाराष्ट्र: वाशिम जिले के रिसोड़ में एक महिला की एक साल पहले एक हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी की गई थी. एक साल बाद महिला के पेट में दर्द होने लगा तो महिला के परिजनों ने संभाजीनगर में उसको दिखाया. इसके बाद जब छत्रपति संभाजी नगर में महिला को दिखाया और जब महिला का ऑपरेशन किया गया तो परिजन हैरान रह गए.महिला के पेट से एक कपड़े का टुकड़ा निकला. इस घटना के बाद महिला के पति ने रिसोड़ के डॉक्टर के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया है.
जबकि इस पूरे मामले में डॉक्टर ने लापरवाही से इनकार किया है.ये भी पढ़े:Noida COVID-19 Case: नोएडा में कोरोना के 14 नए मामले, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र के वाशिम जिले के रिसोड शहर में स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में 10 मई 2024 को डॉ. अमोल नरवाडे द्वारा एक महिला, सुरेखा काबरा की सिजेरियन डिलीवरी की गई थी.शुरुआत में डिलीवरी सामान्य मानी गई और महिला को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं हुई.कुछ महीनों बाद महिला को पेटदर्द की शिकायत होने लगी.स्थानीय स्तर पर सोनोग्राफी सहित अन्य जांचें करवाई गईं, लेकिन कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला. इसके बाद परिजनों ने महिला को संभाजीनगर के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया.संभाजीनगर के हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने जब ऑपरेशन किया, तो महिला के पेट से कपड़े का एक टुकड़ा निकला, जो संभवतः सिजेरियन डिलीवरी के समय अंदर ही रह गया था. इस खुलासे से परिजन हैरान रह गए.
पति ने दर्ज कराई शिकायत
महिला के पति गणेश काबरा ने इस गंभीर लापरवाही के लिए डॉ. अमोल नरवाडे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.हालांकि, डॉ. नरवाडे ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है.उनका कहना है,'जब हमने सिजेरियन किया था, तब ऐसा कोई कपड़ा पेट में नहीं छोड़ा गया था. हो सकता है कि किसी अन्य ऑपरेशन के दौरान यह हुआ हो. हमारी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है.
स्वास्थ्य सिस्टम पर सवाल
यह घटना केवल एक महिला के स्वास्थ्य से जुड़ी लापरवाही नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है. सवाल यह उठता है कि अगर सर्जरी के बाद कपड़ा पेट में रह गया, तो हॉस्पिटल ने उसकी जांच क्यों नहीं की? क्या ऑपरेशन के बाद सभी प्रक्रियाएं ठीक से पूरी की गई थीं?













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