Noida Shocker: नोएडा में प्रतिबंधित E-Cigarette के साथ एक शख्स गिरफ्तार, 8 लाख का माल बरामद
नोएडा पुलिस ने नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रतिबंधित ई-सिगरेट सप्लाई करने वाले एक तस्कर को गिरफ्तार किया. तस्कर से 8 लाख रुपये का माल भी बरामद किया गया। तस्कर के पास से एक कार भी बरामद की गई.
Noida Shocker: नोएडा पुलिस ने नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रतिबंधित ई-सिगरेट सप्लाई करने वाले एक तस्कर को गिरफ्तार किया. तस्कर से 8 लाख रुपये का माल भी बरामद किया गया। तस्कर के पास से एक कार भी बरामद की गई. नोएडा सेक्टर-39 थाना पुलिस की ओर से यह कार्रवाई की गई है. वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक कार से 8 लाख रुपये की प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक चाइनीज सिगरेट बरामद की. इस दौरान पुलिस ने रियाज अहमद को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, रियाज अहमद उत्तराखंड के खटीमा का रहने वाला है. वह प्रतिबंधित चाइनीज सिगरेट को एनसीआर में अलग-अलग लोगों को सप्लाई करता था.
उसके खिलाफ पुलिस ने धारा 4/7 इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिषेध अधिनियम वर्ष 2003 के तहत मामला दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि आरोपी उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय तस्कर के माध्यम से यूएसए-मेड चाइनीज सिगरेट को खरीदता है और फिर एनसीआर में सप्लाई करता है. बता दें कि ई-सिगरेट एक तरह की इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम डिवाइस है, इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम डिवाइस बैटरी से ऑपरेट होने वाले डिवाइस होते हैं, जो शरीर में निकोटिन पहुंचाने का काम करते हैं. इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम डिवाइस में सबसे ज्यादा डिमांड ई-सिगरेट की रहती है.नॉर्मल सिगरेट की तरह ई-सिगरेट में तंबाकू नहीं भरा होता है और न ही इसे पीने के लिए कहीं से जलाने की जरूरत होती है. यह भी पढ़ें: American Woman Found Chained to Tree: सिंधुदुर्ग के जंगल में पेड़ से बंधी मिली अमेरिकी महिला, पति पर शक; दूतावास को दी गई सूचना, परेशान करने वाली तस्वीरें वायरल
बहुत सी ई-सिगरेट्स से धुआं भी नहीं निकलता है. इसमें तंबाकू की जगह एक कार्टेज में लिक्विड निकोटिन भरा रहता है. खत्म होने पर कार्टेज को दोबारा से भरा जा सकता है. सिगरेट के दूसरी छोर पर एलईडी बल्ब लगा होता है. लिक्विड निकोटिन गर्म होकर भाप बन जाता है. इस तरह ई-सिगरेट पीने वाले लोग धुएं की बजाय भाप खींचते हैं। इसमें मुख्य रूप से एक रिचार्जेबल लिथियम बैटरी होती है, एक निकोटिन कार्टेज और इसके बाद होता है एवोपोरेट चैंबर, जिसमें छोटा हीटर लगा होता है. यह हीटर बैटरी से गर्म होकर निकोटिन को भाप में बदलता है. ई-सिगरेट हार्ट, किडनी और लीवर के लिए खतरनाक है। इसमें कैंसर पैदा करने वाले कारक होते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2024 07:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

