8th Pay Commission: सैलरी बढ़ोतरी, एरियर और पेंशन बदलाव पर सस्पेंस, क्या है कर्मचारियों की उम्मीदें

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है. माना जा रहा है कि यह आयोग वेतन में बड़ी बढ़ोतरी, पेंशन संरचना में बदलाव और संभावित एरियर के रूप में बड़ा वित्तीय फायदा दे सकता है. नवंबर 2025 में टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी होने के बाद से उम्मीद जताई जा रही है कि पैनल करीब 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है. 8th Pay Commission Latest News: क्या 2026 में बदल सकता है DA का फॉर्मूला? सैलरी में हो सकता है बड़ा बदलाव

सबसे बड़ा सवाल इसकी लागू होने की तारीख को लेकर बना हुआ है. कर्मचारी संगठन 1 जनवरी 2026 से इसे लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अगर सरकार इसे पिछली तारीख से लागू करती है, तो कर्मचारियों को मोटा एरियर मिल सकता है, जैसा कि पहले भी देखा गया है.

इतिहास पर नजर डालें तो 6वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2008 में लागू हुई थीं, लेकिन इन्हें 1 जनवरी 2006 से प्रभावी माना गया था. इसके चलते कर्मचारियों को भारी एरियर का भुगतान किया गया था. ऐसे में इस बार भी इसी तरह की संभावना जताई जा रही है.

फिटमेंट फैक्टर भी इस बार चर्चा का अहम विषय बना हुआ है. कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इसे 3.0 से 3.25 के बीच रखा जाए, जिससे बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है. इसके अलावा एआईटीयूसी (AITUC) जैसे संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लाने, पेंशन रिवीजन के अंतराल में बदलाव और कम्यूटेशन रिस्टोरेशन पीरियड को 10-12 साल करने की मांग कर रहे हैं.

गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है. ऐसे में कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि जनवरी 2026 के बाद इसे लागू किया गया, तो एरियर में बड़ा नुकसान हो सकता है.

अब सभी की नजर सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, जो यह तय करेगा कि कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और कुल आर्थिक लाभ में कितना बदलाव होगा.