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राजस्थान में लगातार जारी है स्वाइन फ्लू का प्रकोप, इस बीमारी से अब तक हो चुकी है 70 लोगों की मौत

राजस्थान में स्वाइन फ्लू का प्रकोप थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वाइन फ्लू के चलते शुक्रवार को पांच और शनिवार को तीन रोगियों की मौत हो गई. इस साल एक जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू से राज्य में 70 मौतें हो चुकी हैं.

राजस्थान में लगातार जारी है स्वाइन फ्लू का प्रकोप, इस बीमारी से अब तक हो चुकी है 70 लोगों की मौत
स्वाइन फ्लू (Photo Credits: Instagram)

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में स्वाइन फ्लू (Swine Flu) का प्रकोप थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. पूरे राज्य में  इस बीमारी की चपेट में आकर दम तोड़ने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. इससे पीड़ित तीन और रोगियों ने शनिवार को दम तोड़ दिया, जिसके बाद राज्य में मरनेवालों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के अनुसार, स्वाइन फ्लू के चलते शुक्रवार को पांच और शनिवार को तीन रोगियों की मौत हो गई. इस साल एक जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू से राज्य में 70 मौतें (70 Died) हो चुकी हैं.

इस बीच राज्य भर में 84 और रोगियों में इस रोग की पुष्टि हुई है. इनमें जयपुर में 37, उदयपुर में 12, जोधपुर में 10 और बीकानेर में चार रोगी शामिल हैं. राज्य में अब तक कुल 1787 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है.

दरअसल, स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा-ए वायरस के एक स्ट्रेन के कारण होती है और सुअरों से इंसानों में संचरित होती है. समय पर इलाज नहीं होने पर एच1एन1 घातक साबित हो सकता है और इससे मरीज का जान भी जा सकती है.

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

अगर आपको खांसी, गले में दर्द, बुखार, सिरदर्द, मतली और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और फौरन स्वाइन फ्लू की जांच कराएं. अगर आप इस रोग की चपेट में आ चुके हैं तो इस स्थिति में दवाई केवल चिकित्सक की निगरानी में ही लें. यह भी पढ़ें: स्वाइन फ्लू का कहर जारी: राजस्थान में छिनी 36 जिंदगियां, ऐसे रखें खुद का ख्याल

हल्का फ्लू या स्वाइन फ्लू बुखार, खांसी, गले में खरास, नाक बहने, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, ठंड और कभी-कभी दस्त और उल्टी के साथ आता है. हालांकि हल्के मामलों में, सांस लेने में परेशानी नहीं होती है, लेकिन लगातार बढ़ने वाले स्वाइन फ्लू में छाती में दर्द के साथ श्वसन दर में वृद्धि, रक्त में ऑक्सीजन की कमी, लो ब्लड प्रेसर, भ्रम, बदलती मानसिक स्थिति, अंतर्निहित अस्थमा, फेफड़े की विफलता, डायबिटीज, दिल की विफलता, एंजाइना या सीओपीडी हो सकता है.

(भाषा इनपुट के साथ)

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 26, 2019 08:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).