MP में 25 गांव बाढ़ से प्रभावित, सरकार और भाजपा संगठन मैदान में
मध्य प्रदेश में बारिश ने हालात बिगाड़ कर रख दिए हैं, आवागमन पर असर पड़ा ही है साथ में जिंदगी भी मुसीबत भरी हो गई है. दो दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, राहत व बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अलावा होमगार्ड के दस्ते लगे हुए हैं.
भोपाल, 24 अगस्त : मध्य प्रदेश में बारिश ने हालात बिगाड़ कर रख दिए हैं, आवागमन पर असर पड़ा ही है साथ में जिंदगी भी मुसीबत भरी हो गई है. दो दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, राहत व बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अलावा होमगार्ड के दस्ते लगे हुए हैं. वायुसेना के दो हेलिकॉप्टर भी प्रभावितों की जिंदगी बचाने में लगे हैं. एक तरफ सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा संभाल रखा है तो दूसरी ओर भाजपा संगठन की टीम भी मदद के काम में जुट गई है.
राज्य के बड़े हिस्से में बारिश ने जमकर कोहराम मचाया है. सड़क संपर्क बाधित हो रहा है तो वहीं कई इलाके पानी से घिरे हुए हैं. राज्य की प्रमुख नदियों नर्मदा, पार्वती, केन, बेतवा, तमस, सिंध, चंबल आदि का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. इसके कारण लोगों की जिंदगी मुसीबत भरी हो गई है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने मंगलवार की सुबह बारिश और उससे बने हालात की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने चंबल, पार्वती और सिंध नदी में पानी के बढ़ रहे संभावित स्तर को लेकर भिंड मुरैना श्योपुर को सतर्क रहने के निर्देश दिए. साथ ही अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान, सड़क, पुलिया सहित अन्य नुकसान की जानकारी शीघ्र मुख्यमंत्री कार्यालय को देने के निर्देश दिए. उसके बाद चौहान हवाई सर्वेक्षण पर निकल पड़े. उन्होंने विदिशा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर बासौदा तहसील के ग्राम स्यावदा में बाढ़ पीड़ितों को ढांढस बंधाया और अनेक बाढ़ प्रभावितों को अपने साथ बोट में बैठा कर सुरक्षित भी निकाला.
मुख्यमंत्री चौहान संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय प्रांगण में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद बाढ़ से सर्वाधिक ग्रस्त ग्राम स्यावदा के लिए रवाना हुए. यहां के पहुंच मार्ग को बोट से पार किया. गौरतलब है कि पाराशरी नदी और बेतवा नदी के मुहाने पर स्थित ग्राम स्यावदा के लगभग 270 नागरिक अचानक नदी में बढ़े जल-स्तर के कारण चारो ओर से घिर गए थे. प्रशासन को इसकी सूचना प्राप्त होते ही अविलम्ब बाढ़ में फसे नागरिकों को सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए.
मुख्यमंत्री चौहान स्वयं नन्हीं बालिकाओं के साथ वयोवृद्धजन को बोट में बैठा कर सुरक्षित लेकर आए. उन्होंने मोटर बोट में साथ बैठे ग्राम स्यावदा के बाढ़ पीड़ित बालाराम, शकुनबाई और शर्मिला केवट से भी संवाद किया. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विदिशा जिले में बेतवा का जल-स्तर अभी स्थिर है. बाढ़ से विदिशा, गुना और राजगढ़ जिले के लगभग 25 गाँव प्रभावित हुए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एयर फोर्स के दो हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन भी रेस्क्यू कार्य में लगा हुआ है. फसलों और सम्पत्ति के नुकसान का आकलन बाद में किया जाएगा. अभी पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित बचाना है. विदिशा के गढ़ला और ताजला गाँव में फँसे लोगों को बोट से सुरक्षित बचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री चौहान विदिशा, गुना और राजगढ़ जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से दौरा कर स्टेट हैंगर भोपाल वापस लौटे. इससे पहले उन्होंने स्टेट हैंगर पर ही एयर फोर्स के अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति और रेस्क्यू कार्य के संबंध में चर्चा की. मुख्यमंत्री चौहान ने बाढ़ से बिगड़े हालात के चलते आज होने वाली केबिनेट की बैठक भी निरस्त कर दी. उन्होंने कहा है कि इस समय प्रदेश में कई जगह बाढ़ की स्थितियाँ निर्मित है, विदिशा, राजगढ़, गुना आदि जिलों में कई गाँव बाढ़ से घिरे हैं, ऐसे में यह उचित नहीं होगा कि हम केवल बैठक कर स्थिति की समीक्षा करें, सभी का मैदान में जाना आवश्यक है. जनता कष्ट में है, पानी से घिरी हुई है. इसलिए आज राज्य शासन ने मंत्रि-परिषद की बैठक स्थगित करने का निर्णय लिया है.
एक तरफ जहां सरकार प्रभावित कों की मदद में लगी है तो दूसरी और भाजपा संगठन भी मदद में जुट गया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित और अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों के जिला अध्यक्षों से फोन पर चर्चा की. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने जिलों की स्थिति की जानकारी ली और पीड़ितों की हरसंभव मदद के निर्देश दिए.
प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने बाढ़ एवं अतिवृष्टि पीड़ितों को राहत शिविरों तक पहुंचाने तथा उन्हें भोजन एवं मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश पार्टी कार्यकर्ताओं को दिए हैं. प्रदेश में 48 घंटे से लगातार हो रही अतिवृष्टि से बाढ़ के जो हालात बने हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है, उसके चलते पार्टी कार्यकर्ता मैदान में उतरें और आमजन की मदद करें. शिविर लगाकर जरूरतमंदों की हर तरह से मदद करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2022 09:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

