1984 सिख दंगा: कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई
कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और पांच अन्य ने 31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में कैंट के राजनगर क्षेत्र में एक परिवार के पांच सदस्यों- केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या करने वाली भीड़ को उकसाने की कोशिश की थी. साल 2005 में न्यायमूर्ति जी.टी. नानावती आयोग की अनुशंसा पर सज्जन कुमार और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
नई दिल्ली:- 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में उम्र कैद की सजा पाने वाले कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. सिख विरोधी दंगों के मामले में कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में दोषी करार दे दिया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. जिसके बाद सज्जन कुमार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और जमानत याचिका दायर की थी, जो अभी तक लंबित है. वहीं इससे पहले फरवरी महीने में सुप्रीम कोर्ट ने ले में सज्जन कुमार को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई अब गर्मी की छुट्टियों के दौरान करेगी. इस दौरान सज्जन कुमार ने अपने तबियत का भी हवाला दिया था.
कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और पांच अन्य ने 31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में कैंट के राजनगर क्षेत्र में एक परिवार के पांच सदस्यों- केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंदर सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह की हत्या करने वाली भीड़ को उकसाने की कोशिश की थी. साल 2005 में न्यायमूर्ति जी.टी. नानावती आयोग की अनुशंसा पर सज्जन कुमार और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
ANI का ट्वीट:-
Supreme Court will hear today the bail application filed by former Congress leader, Sajjan Kumar, convicted to life imprisonment in connection with 1984 anti-Sikh riot case. pic.twitter.com/VspeAw0Hqs
— ANI (@ANI) May 13, 2020
बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की 31 अक्टूबर, 1984 को उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किए जाने के बाद दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 1984 दंगों के दौरान 2700 से अधिक सिख राष्ट्रीय राजधानी में मारे गए जो कि वास्तव में "अविश्वसनीय नरसंहार" था. ( आईएएनएस इनपुट)
(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 08:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

