Sushant Singh Rajput Death Case: मुंबई पुलिस और कूपर अस्पताल को महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस, रिया चक्रवर्ती को शवगृह में जाने की अनुमति देने पर उठाया सवाल
सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस को लेकर अब जहां सीबीआई बारीकी से जांच में जुटी हुई है वहीं इस मामले में महाराष्ट्र की मानवाधिकार आयोग ने मुंबई पुलिस और कूपर अस्पताल को नोटिस भेजकर सवाल किया है कि किस कानून के आधार पर रिया चक्रवर्ती को उस शवगृह में जाने की अनुमति दी गई जहां सुशांत का पोस्टमार्टम किया गया.
Sushant Singh Rajput Death Case: सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस को लेकर अब जहां सीबीआई बारीकी से जांच में जुटी हुई है वहीं इस मामले में महाराष्ट्र की मानवाधिकार आयोग (Maharashtra Human Rights Commission) ने मुंबई पुलिस (Mumbai Police) और कूपर अस्पताल (Cooper Hospital) को नोटिस भेजकर सवाल किया है कि किस कानून के आधार पर रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) को उस शवगृह में जाने की अनुमति दी गई जहां सुशांत का पोस्टमार्टम किया गया. एसएचआरसी (SHRC) चीफ एमए सईद (MA Saeed) ने इस बात को लेकर सवाल उठाया है कि जब सुशांत का पोस्टमार्टम (Post-Mortem) किया जा रहा था तो इतनी आसानी से रिया को अस्पताल के भीतर जाने कैसे दे दिया गया? इसी बात को लेकर अब बीएमसी (BMC) द्वारा संचालित कूपर हॉस्पिटल और मुंबई पुलिस को नोटिस भेजा गया है.
इस विषय पर मुंबई मिरर से बातचीत के दौरान एमए सईद ने कहा कि उन्होंने अस्पताल के कुछ क्लिप्स देखे हैं जहां पोस्टमार्टम के समय रिया चक्रवर्ती वहीं भीतर नजर आ रही हैं. उन्होंने अपनी लीगल विंग से इस बारे में पता करने को कहा है कि इन मामलों में कानून में किस तरह के प्रावधान मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि वो भी नहीं जानते हैं कि किस वजह से रिया को अस्पताल में जाने दिया गया और इसलिए उन्होंने अस्पताल के डीन को शो कॉज नोटिस भेजकर अपना जवाब पेश करने को कहा है कि उन्होंने रिया और उनके परिवार वालों को भीतर जाने जैसे दे दिया.
बताया जा रहा है कि 14 जून को सुशांत की मौत के बाद रिया को अगले दिन उन्हें शवगृह से बाहर निकलते देखा गया था. उनके साथ अन्य 3 लोग भी मौजूद थे. ऐसे में मामलों में सिर्फ मृतक के परिवारवालों को अस्पताल के भीतर जाने की अनुमति होती है.
सईद ने इस बात को भी साफ कर दिया है कि जवाब मिलने के बाद गलतियां पाई जाने पर मुंबई पुलिस को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.