बच्ची के इलाज के लिए Sonu Sood ने बढ़ाया मदद का हाथ,
डॉक्टर ने कहा कि चूंकि माता-पिता के पास आगे के इलाज के लिए पैसे नहीं थे, उन्होंने अभिनेता सोनू सूद से संपर्क किया, जिन्होंने इलाज के लिए अंकुरा अस्पताल की सिफारिश की. जब बच्चे को आगे के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अंकुरा में भर्ती कराया गया, कम वजन के कारण उसकी चिकित्सा स्थिति गंभीर और चुनौतीपूर्ण थी.
हैदराबाद: सूद चैरिटी फाउंडेशन (Sood Charity Foundation) के सहयोग से अंकुरा हॉस्पिटल्स (Ankura Hospitals) द्वारा एक गंभीर कुपोषित ढाई साल की बच्ची, जो एनीमिया (Anemia) से पीड़ित थी, का सफलतापूर्वक इलाज किया गया. एलबी नगर के अंकुरा अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ श्रीनिधि (Srinidhi) ने कहा, अफीफा मरियम (Afifa Mariam) को पिछले महीने अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके घाव से रुक-रुक कर खून बह रहा था और कुपोषण के साथ गंभीर एनीमिया था. Sonu Sood से मिलने नंगे पैर पैदल चलकर हैदराबाद से मुंबई पहुंचा फैन, एक्टर ने फोटो शेयर करके लोगों से की ये अपील
एक साल पहले गर्म तेल गलती से उसके बाएं टेम्पोरो, पाश्र्विका क्षेत्र, बाएं हाथ, गर्दन और धड़ के ऊपरी हिस्से पर गिर गया था. उसे तुरंत एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां उसे कोलेजन लगाया गया और एक सप्ताह के भीतर उसे छुट्टी दे दी गई.
डिस्चार्ज होने के बाद, बच्चे को खोपड़ी के बाईं ओर पपड़ी विकसित हो गई और उसे फिर से उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जब दूसरी बार बाईं ओर खोपड़ी और गर्दन पर कोलेजन लगाया गया. बच्चे को पर्याप्त आहार और पोषक तत्व नहीं मिलने से उसे कुपोषण हो गया.
डॉक्टर ने कहा कि चूंकि माता-पिता के पास आगे के इलाज के लिए पैसे नहीं थे, उन्होंने अभिनेता सोनू सूद से संपर्क किया, जिन्होंने इलाज के लिए अंकुरा अस्पताल की सिफारिश की. जब बच्चे को आगे के मूल्यांकन और प्रबंधन के लिए अंकुरा में भर्ती कराया गया, कम वजन के कारण उसकी चिकित्सा स्थिति गंभीर और चुनौतीपूर्ण थी.
उन्होंने कहा कि डॉ हरि किरण के नेतृत्व में चौबीस घंटे बच्चे को विशेषज्ञ नसिर्ंग देखभाल और विशेषज्ञ डॉक्टर टीम से सेवाएं प्रदान की गईं क्योंकि शुरूआती कुछ सप्ताह पोषण, फेफड़ों और मस्तिष्क की परिपक्वता और फीड स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण थे.
उन्होंने कहा कि पूरी चिकित्सा टीम द्वारा चार सप्ताह की विशेष देखभाल के साथ-साथ उन्नत उपकरणों तक पहुंच, मानकीकृत उपचार प्रोटोकॉल, प्रमुख चिकित्सा हस्तक्षेप और प्रक्रिया ने बच्चे को जीवित रहने में मदद की.
सोनू सूद ने कहा कि मुझे जीवन बचाने से ज्यादा खुशी और किसी चीज में नहीं मिलती. मैंने अतीत में अंकुरा अस्पताल के साथ काम किया है. महामारी के दौरान, मैंने स्त्री रोग और बाल रोग के कुछ गंभीर मामलों को उनके पास भेजा है और उन्होंने उल्लेखनीय परिणाम दिखाए हैं. मेरे विश्वास को मजबूत किया है. ऐसे स्वास्थ्य सेवा ब्रांड के साथ और अधिक गंभीरता से जुड़ने का संकल्प लें जो इसका प्रचार करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2021 06:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

