बॉलीवुड में नया ट्रेंड: फिल्मों में ऐसे रिश्तों की झलक जिनके बीच बड़ा एज गैप है
बॉलीवुड में ‘ओल्डर वुमन-यंगर मैन’ जैसे रिश्तों को लेकर जो पहल हुई है, वह न केवल समाज के बदलते नजरिए को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि प्यार में उम्र मायने नहीं रखती—मायने रखता है तो जुड़ाव और भावना.
बॉलीवुड में लंबे समय तक रोमांस के पारंपरिक धारणा को ही बढ़ावा दिया जाता रहा है, जिसमें अक्सर नायक अपनी उम्र से छोटी नायिका के साथ नजर आते थे. लेकिन समाज के बदलते मिजाज और बेबाक कहानियों के साथ अब हिंदी फिल्मों में ‘बड़ी उम्र की महिला और छोटे उम्र के पुरुष’ के रिश्तों पर भी ध्यान दिया जा रहा है. कुछ सालों में कई ऐसी फिल्में सामने आई हैं, जिनमें इस तरह के रिश्ते को संवेदनशीलता और सच्चाई के साथ दिखाया गया है.
बॉलीवुड की टॉप फिल्में — जहां दिखा बड़ा एज गैप वाला प्यार
निशब्द (Nishabd)
अमिताभ बच्चन और जिया खान की यह फिल्म चर्चा का कारण बनी, क्योंकि इसमें अमिताभ का किरदार एक कम उम्र लड़की के प्यार में पड़ता है. यह फिल्म एज गैप और जज्बातों की उलझन को बखूबी दिखाती है.
दिल चाहता है (Dil Chahta Hai)
इस कल्ट फिल्म में प्रीति ज़िंटा और सैफ अली खान (पात्र रोहित और शालिनी) की केमिस्ट्री नहीं, बल्कि अक्षय खन्ना का तारा (डिंपल कपाड़िया) के प्रति आकर्षण इसकी खासियत है, जहां एक युवा और एक परिपक्व महिला के बीच प्रेम कहानी आगे बढ़ती है.
आस्था (Aastha: In the Prison of Spring)
रेखा और ओम पुरी की यह फिल्म न सिर्फ बोल्ड थी, बल्कि इसमें रेखा अपने पति से उम्र में छोटे पुरुष के साथ संबंध बनाती दिखती हैं.
लागा चुनरी में दाग (Laaga Chunari Mein Daag)
इस फिल्म में ऋचा चड्ढा और मुरली शर्मा के किरदारों के बीच उम्र का अच्छा-खासा फासला है, जिसमें प्यार और सम्मान को खास जगह मिली.
द लंचबॉक्स (The Lunchbox)
इरफान खान और निमरत कौर के बीच उम्र का अंतर कहानी का अहम हिस्सा है, जो धीरे-धीरे गहरी दोस्ती और प्यार में बदलता है.
एक छोटी सी लव स्टोरी (Ek Chhotisi Love Story)
मनीषा कोइराला और आदित्य सील स्टारर यह फिल्म एक किशोर लड़के के बड़े उम्र की महिला के प्रति आकर्षण पर आधारित थी, जो उस समय काफी विवादों में भी रही.
क्यों जरूरी है इस तरह की कहानियों का आना?
समाज में उम्र के अंतर वाले रिश्तों को अकसर गलत नजरिए से देखा जाता है, लेकिन बॉलीवुड के ये उदाहरण साबित करते हैं कि प्यार उम्र की सीमा नहीं देखता. ये फिल्में न सिर्फ समाज की सोच को चुनौती देती हैं, बल्कि दर्शकों के सामने नये नजरिए भी पेश करती हैं.
संक्षेप में:
बॉलीवुड में ‘ओल्डर वुमन-यंगर मैन’ जैसे रिश्तों को लेकर जो पहल हुई है, वह न केवल समाज के बदलते नजरिए को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि प्यार में उम्र मायने नहीं रखती—मायने रखता है तो जुड़ाव और भावना.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 05, 2025 02:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

