Independence Day 2020: स्वतंत्रता दिवस के मौके जानिए उन फिल्मों के बारे में जो बॉक्स ऑफिस पर तो नहीं लेकिन लोगों को दिल में जगह बनाने में जरूर कामयाब हुई
आज हम आपको उन 5 फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं. जो देशभक्ति से लबरेज तो रही लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में पिछड गई.
Independence Day 2020: 15 अगस्त को देश स्वतंत्रता दिवस की 74वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं. ऐसे में लोग तरह –तरह से देश की आजादी के लिए शाहिद हुए लोगों को सलाम करते दिखाई देंगे. बॉलीवुड भी हमेशा से इस मौके को भुनाता आया है. यही वजह है कि देशभक्ति की भावना से लबालब फ़िल्में आज भी सिनेमाघरों में ताबड़तोड़ कमाई करती दिखाई दे जाती हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होने वाली हर फिल्म धाकड़ कमाई ही करती हो. कई फ़िल्में फ्लॉप भी हो गई. जिसके पीछे कई वजह रह सकती है. फिर चाहे फिल्म का सही से प्रमोशन ना हो या फिर इससे कोई बड़ा नाम ना जुड़ पाया हो. आज हम आपको उन 5 फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं. जो देशभक्ति से लबरेज तो रही लेकिन बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में पिछड गई.
सबसे पहले बात मनोज बाजपेयी की फिल्म दमदार फिल्म 1971 की. साल 2007 में आई फिल्म कामयाब भले ना मानी जाती हो लेकिन मनोज बाजपेयी, रवि किशन, दीपक डोबरियाल, कुमुद मिश्रा, पीयूष मिश्रा और मानव कौल स्टारर फ़िल्म ने लोगों का दिल जरूर जीता है. इस फ़िल्म की कहानी साल 1971 की भारत-पाक युद्ध के बाद पाकिस्तान में बंद युद्ध बंदियों की है. इनके हालात काफी खराब हैं. जबकि सरकार उनपर जरा भी ध्यान नहीं देती. फिर कैसे ये छह कैदी पाकिस्तान जेल से भागते हैं और उनके साथ किस तरह के व्यवहार होते हैं यही फिल्म की कहानी है.
दूसरी फिल्म है चिटगॉन्ग (Chittagong). साल 2012 में आई ये फिल्म भी एक अवॉर्ड विन्निंग फिल्म रही है. इस फिल्म की कहानी सच्ची घटना पर आधारित है. कैसे एक स्कूल मास्टर सहयोग से स्कूल के बच्चे अंग्रेजी हुकूमत से भीड़ जाते हैं ये सब कुछ फिल्म में देखने को मिलता है. इस फिल्म में भी मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं.
तीसरी फिल्म है सात हिंदुस्तानी (Saat Hindustani). इस फिल्म को अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म के तौर पर पहचाना जाता है. लेकिन लेखक-निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास की ये फिल्म भी देशभक्ति की भावना से पूरी तरह लबरेज फिल्म है.
चौथी फिल्म है जेपी दत्ता साहब की पलटन (Paltan) जैकी श्रॉफ, अर्जुन रामपाल, सोनू सूद, गुरमीत चौधरी, हर्षवर्धन राणे और सिद्धांत कपूर की ये फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी. लेकिन 1962 में चीनी सेना के साथ नाथू ला में हुई भिडंत को बखूबी दिखाया गया है. कैसे भारतीय सेना चीनी सेना के घुसपैठ को रोकती है. ये इस फिल्म में देखने को मिलता है.
पांचवी फिल्म है एलओसी: कारगिल (LOC: Kargil). डायरेक्टर जेपी दत्ता की फिल्म LOC: कारगिल भी एक शानदार फिल्म रही है. साल 2003 में रिलीज हुई ये फिल्म भी मेगा स्टारर फिल्म थी. बॉर्डर के बाद आई जेपी दत्ता की इस फिल्म के साथ भी लोगों ने काफी उम्मीदें लगाईं थी. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर ये कुछ कमाल नहीं दिखा पाई लें कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के दमखम को दिखाती ये फिल्म इस स्वतंत्रता दिवस पर देखी जा सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 14, 2020 03:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

