Stocks To Buy or Sell Today, March 16, 2026: भारतीय इक्विटी बाजार आज, 16 मार्च 2026 को नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत कर रहा है. आज निवेशकों का मुख्य फोकस कॉर्पोरेट अनुबंधों, प्रबंधन में बदलाव और वैश्विक भू-राजनीतिक दबावों पर रहेगा. पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स में 1,300 अंकों की बड़ी गिरावट और निफ्टी के 23,850 के स्तर पर बंद होने के बाद आज बाजार की दिशा काफी महत्वपूर्ण होगी.
बाजार की वर्तमान स्थिति और वैश्विक संकेत
बाजार में वर्तमान गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा की जा रही भारी बिकवाली है. पिछले सत्र में FII ने 6,200 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की. वर्तमान में ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में चिंता का माहौल है. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को निचले स्तरों पर कुछ सहारा जरूर दिया है. यह भी पढ़े: Stocks To Buy or Sell Today, March 13, 2026: ओएनजीसी, टाटा मोटर्स और हिंदुस्तान पेट्रोलियम समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर; मध्य पूर्व में तनाव का दिखेगा असर
आज इन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर:
- विप्रो लिमिटेड (Wipro): भारी बिकवाली के बीच भी विप्रो निफ्टी-50 के उन चुनिंदा शेयरों में शामिल था जिसने बढ़त दर्ज की थी. क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में कंपनी के बेहतर सौदों की खबरों से निवेशक उत्साहित हैं. आज यह देखना होगा कि क्या आईटी सेक्टर के दबाव के बावजूद विप्रो अपनी बढ़त बरकरार रख पाता है.
- टाटा मोटर्स (Tata Motors): पिछले सत्र में लगभग 3% की गिरावट के बाद टाटा मोटर्स आज फिर चर्चा में रहेगा. निवेशक कंपनी के यात्री वाहन और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं. विश्लेषकों के अनुसार, शेयर के लिए 325-340 रुपये का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन साबित हो सकता है.
- ओएनजीसी (ONGC): कच्चे तेल की कीमतों में वैश्विक उछाल का सीधा फायदा ओएनजीसी जैसी तेल उत्पादक कंपनियों को मिल रहा है. हालांकि, निवेशक विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) की संभावनाओं को लेकर भी सतर्क हैं. ऊर्जा क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले ट्रेडर्स के लिए यह स्टॉक आज काफी सक्रिय रह सकता है.
- अशोक लेलैंड (Ashok Leyland): इनपुट लागत में बढ़ोतरी के बावजूद अशोक लेलैंड अपनी सहायक कंपनी 'स्विच मोबिलिटी' के जरिए इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में आक्रामक विस्तार कर रहा है. निवेशकों की नजर कंपनी की मासिक बिक्री के आंकड़ों और मार्जिन सुरक्षा की रणनीतियों पर रहेगी.
- बोरोसिल लिमिटेड (Borosil): क्षमता विस्तार और 'मेक इन इंडिया' के तहत घरेलू विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के कारण बोरोसिल मिड-कैप निवेशकों की पसंद बना हुआ है. सोलर ग्लास मार्केट में कंपनी की पकड़ और संस्थागत निवेशकों की रुचि आज इसके भाव में उतार-चढ़ाव ला सकती है.
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर दबाव
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव देखा जा रहा है. बाजार को सरकार की ओर से ईंधन की कीमतों में संशोधन या उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में बदलाव से जुड़ी किसी भी घोषणा का इंतजार है, जो इन शेयरों की दिशा तय करेगा.
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल समाचार रिपोर्टों पर आधारित है और इसे निवेश सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.)













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