Silver Rate Today: देशभर में आज 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. इस राष्ट्रीय अवकाश के दिन भारत में चांदी की कीमतों (Silver Rates) में स्थिरता देखी जा रही है. हालांकि, यह स्थिरता पिछले कुछ दिनों की भारी तेजी के बाद आई है, जिससे चांदी के दाम अब तक के सबसे उच्चतम स्तर (Record Highs) पर टिके हुए हैं. गणतंत्र दिवस के चलते आज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) सहित सभी प्रमुख वायदा बाजार बंद हैं, लेकिन रिटेल बाजारों में कीमतें पिछले सत्र के बंद स्तर के आसपास ही बनी हुई हैं.
बाजार का हाल: ऐतिहासिक ऊंचाई पर 'सफेद धातु'
राजधानी दिल्ली और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज चांदी का भाव लगभग ₹3,34,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है. साल 2026 की शुरुआत चांदी के लिए काफी धमाकेदार रही है. वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण इस महीने चांदी की कीमतों में करीब 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. यह भी पढ़े: Gold Rate Today, January 26, 2026: गणतंत्र दिवस पर सोने की कीमतों में स्थिरता, जानें दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों में 22K और 24K गोल्ड के ताज़ा रेट
शहरों के अनुसार आज के भाव (26 जनवरी, 2026)
स्थानीय करों और मेकिंग चार्जेस के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में चांदी की दरों में भिन्नता देखने को मिलती है. विशेष रूप से दक्षिण भारतीय बाजारों में चांदी की मांग और स्थानीय टैक्स की वजह से कीमतें राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं.
| शहर | आज चांदी का भाव (प्रति किलोग्राम) |
| दिल्ली / मुंबई / बेंगलुरु | ₹ 3,34,900 |
| चेन्नई / हैदराबाद / केरल | ₹ 3,64,900 |
| कोलकाता / पुणे / अहमदाबाद | ₹ 3,34,900 |
क्यों बढ़ रहे हैं चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे 'परफेक्ट स्टॉर्म' यानी कई वैश्विक कारकों का एक साथ आना है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विवाद ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe-haven) की ओर धकेला है.
इसके अलावा, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और AI हार्डवेयर में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग ने इसकी कमी पैदा कर दी है. चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर लगाए गए कड़े नियमों ने भी वैश्विक बाजार में आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं.
निवेशकों और उपभोक्ताओं पर असर
शादियों के मौजूदा सीजन के कारण घरेलू मांग काफी ऊंची है. हालांकि, अत्यधिक कीमतों की वजह से कई खुदरा खरीदार अब भौतिक चांदी (Coins or Jewelry) के बजाय सिल्वर ईटीएफ (Silver ETFs) और डिजिटल सिल्वर में निवेश करना अधिक पसंद कर रहे हैं.
आगे क्या है उम्मीद?
बाजार की नजर अब मंगलवार, 27 जनवरी पर है, जब एमसीएक्स (MCX) फिर से खुलेगा. विश्लेषकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार युद्ध की स्थिति और गंभीर होती है, तो वैश्विक बाजार में चांदी $100 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को छू सकती है, जिससे भारतीय बाजार में और तेजी आने की संभावना है.













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