लॉकडाउन को एक बार में खत्म करने की उम्मीदों को झटका देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि देश में स्थिति ‘सामाजिक आपातकाल’ जैसी है और कोविड-19 महामारी के कारण गंभीर आर्थिक चुनौतियां भी हैं. दरअसल देश में संक्रमण के मामलों की तादाद तेजी से बढ़ी है. देशभर में 5,500 से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और इसके कारण कम से कम 172 लोगों की मौत हो चुकी है.
सिंगापुर में लंबी अवधि के वर्क पास पर रह रहे 32 वर्षीय भारतीय की बुधवार को कोरोना वायरस से मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि इस व्यक्ति के रिश्तेदार की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हो गई थी और वह भी संक्रमित हो गया है।
बुधवार को हरिद्वार जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के दो और मामलों की पुष्टि हो गयी जिसके बाद प्रदेश में इस घातक विषाणु से पीड़ित लोगों की संख्या 33 पहुंच गयी है। प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में पिछले एक सप्ताह में जबरदस्त उछाल आया है। प्रदेश में एक अप्रैल तक कोविड-19 के मरीजों संख्या सात थी जो अब बढकर 33 हो गयी है, इनमें से 25 लोग तबलीगी जमात के सदस्य हैं।
असम में लॉकडाउन का उल्लंघन करने को लेकर पिछले 1258 लोग गिरफ्तार किये गये और उन पर 21.7 लाख रूपये जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. एक पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार लॉकडाउन उल्लंघन की 1,108 की घटनाओं को लेकर दर्ज किये गये 578 मामलों के सिलसिले में यह गिरफ्तारी और जुर्माना लगाया गया.
अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए 738 लोगों में 679 तबलीगी जमात के सदस्य और उनके संपर्क में आए लोग हैं।
न्यायमूर्ति ए ए सैयद ने गैर सरकारी संगठन सर्वहारा जन आंदोलन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। संगठन ने याचिका में राज्य में लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित प्रवासी कामगारों और कमजोर लोगों को राहत पहुंचाने की मांग की है।
संबंधित सरकारों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, देश के अलग-अलग राज्यों में रात नौ बजे तक कोरोना वायरस से संक्रमितों और मृतकों के आंकड़े इस प्रकार हैं :
राज्य के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यहां संवाददाताओं को बताया कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट की एक विशेष बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें लगभग सभी मंत्रियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस निर्णय का ऐलान करते हुये कहा कि चेहरे पर मास्क लगाने से काफी हद तक कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को कम किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की पीठ ने इस संबंध में जनहित याचिकाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई के बाद केन्द्र को अनेक निर्देश दिये। पीठ ने अंतरिम निर्देश पारित करते हुये चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की हिदायत देते हुये उन पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 के संकट पर बुलाई गई बैठक में राजनीतिक दलों के नेताओं से कहा कि देश में स्थिति ‘सामाजिक आपातकाल’ जैसी है और कड़े निर्णय लेने की जरूरत है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता हर व्यक्ति के जीवन को बचाने की है.
मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रव्यापी बंदी की वजह से रीयल एस्टेट क्षेत्र में निर्माण कार्य बंद है। ऐसे में बिल्डरों से कहा गया है कि इस संकट के समय वे अपनी साइटों पर काम करने वाले मजदूरों की मदद करें।
चाइल्डलाइन इंडिया की उपनिदेशक हरलीन वालिया ने बताया कि ‘चाइल्डलाइन 1098’ पर संकट में फंसे लोगों के 20 मार्च से 31 मार्च के बीच आये कुल 3.07 लाख कॉल में से 30 फीसदी, यानी 92,105 कॉल बच्चों के साथ होने वाले उत्पीड़न और हिंसा के बारे में थे।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि ये संगठन खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत पूर्व निर्धारित आरक्षित मूल्य पर एफसीआई से एक बार में 10 टन तक अनाज खरीद सकते हैं।
शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘47 से 59 वर्ष की उम्र के छह पुरुषों ने पिछले तीन दिन में शहर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ा। इनकी मौत से पहले लिये गये नमूनों की जांच रिपोर्ट से पता चला है कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे।’’
प्रदेश सरकार ने राज्य में कोविड-19 के छह या उससे अधिक मामलों वाले 15 जिलों के अत्यधिक प्रभावित स्थानों को आगामी 15 अप्रैल तक सील करने के आदेश दिए हैं।
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने वीडियो कांफ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सदन में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की और कोरोना वायरस के कारण देश में उत्पन्न स्थिति और कोविड-19 का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की।
मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारत ने कर्नाटक के मंगलुरू और पादुर तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 53.33 लाख टन का आपातकालीन भूमिगत भंडार तैयार किया है।
हालांकि, तालिबान ने कहा कि वे अभी तक यह पता लगा रहे हैं कि जिन्हें रिहा किया गया है, उनके नाम वार्ता के दौरान वाशिंगटन को सौंपी गई सूची में शामिल हैं, या नहीं।