Ooty Landslide: तमिलनाडु के ऊटी में भारी बारिश से कुन्नूर-मेट्टुपालयम NH पर भूस्खलन, यातायात बाधित; VIDEO
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक राजमार्ग से मलबा पूरी तरह हटाकर सड़क को सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक यातायात बंद रहेगा. यात्रियों को केवल प्रशासनिक सूचनाओं और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
Ooty Landslide Video: तमिलनाडु के पहाड़ी जिले नीलगिरि और ऊटी क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. शनिवार को कुन्नूर-मेट्टुपलायम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-181) सहित कई प्रमुख पहाड़ी रास्तों पर एक के बाद एक कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ. मलबे और चट्टानों के सड़क पर गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही को एहतियातन पूरी तरह रोक दिया गया है. सोशल मीडिया पर भी इसके विचलित कर देने वाले वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पहाड़ों से मलबा गिरते और रास्ते अवरुद्ध होते देखे जा सकते हैं.
राजमार्ग पर कई जगह गिरीं चट्टानें और मलबा
जिला प्रशासन के अनुसार, बरलियार और कुन्नूर के बीच मुख्य घाट रोड पर भारी मात्रा में मिट्टी, पेड़ और बड़ी चट्टानें खिसककर सड़क पर आ गिरी हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों से पानी और मलबे का तेज बहाव बना हुआ है, जिससे राजमार्ग पर लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रही.
#WATCH | ऊटी, तमिलनाडु: भारी बारिश के कारण कुन्नूर-मेट्टुपलायम नेशनल हाईवे पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। प्रभावित हिस्सों में यातायात रोक दिया गया है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। https://t.co/ZVZyzQIsuu
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 24, 2026
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और जिला प्रशासन ने मेट्टुपलायम की ओर से ऊटी की तरफ जाने वाले वाहनों को प्रवेश बिंदुओं पर ही रोक दिया है. केवल राहत और बचाव कार्यों से जुड़े वाहनों को ही जाने की अनुमति दी जा रही है.
राहत कार्य जारी, पर्यटकों के लिए परामर्श जारी
घटना की सूचना मिलते ही तमिलनाडु राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय पुलिस टीम जेसीबी (JCB) तथा भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और गिरते मलबे के कारण रास्ता साफ करने के अभियान में चुनौतियां आ रही हैं.
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए नीलगिरि की यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है. कई स्थानों पर फंसे हुए यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्गों और सहायता केंद्रों का प्रबंध किया जा रहा है.
मौसम विभाग की चेतावनी और पृष्ठभूमि
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नीलगिरि, कोयंबटूर और आसपास के पहाड़ी जिलों के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था. पश्चिमी घाट के पहाड़ी इलाकों में मानसून की सक्रियता और कम दबाव का क्षेत्र बनने से लगातार बारिश दर्ज की जा रही है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक राजमार्ग से मलबा पूरी तरह हटाकर सड़क को सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक यातायात बंद रहेगा. यात्रियों को केवल प्रशासनिक सूचनाओं और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 24, 2026 05:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

