देश की खबरें | यस बैंक-डीएचएफएल घोटाला: अदालत का पुणे के बिल्डर को जमानत देने से इनकार

मुंबई, 27 जून मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने यस बैंक-डीएचएफएल घोटाले से संबंधित एक मामले में पुणे के बिल्डर अविनाश भोसले को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है कि देश धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का शिकार हुआ है।

अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया ‘‘इस गंभीर आर्थिक अपराध में भोसले की गहरी संलिप्तता है।’’

विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने 23 जून को भोसले को जमानत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन विस्तृत आदेश मंगलवार को उपलब्ध हुआ।

अदालत ने कहा कि यस बैंक का पैसा हड़प लिया गया, जो मूल रूप से जनता का पैसा और देश की संपत्ति है।

अदालत ने भोसले को राहत देने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘आरोपी व्यक्तियों द्वारा चालाकी से आपराधिक साजिश रचकर बैंक को धोखा दिया गया। यस बैंक का पैसा देश की संपत्ति है। देश धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के इस अपराध का शिकार हुआ है।’’

विशेष न्यायाधीश ने कहा कि जिस तरह से धोखाधड़ी की गई है, याचिकाकर्ता (भोसले) को जमानत देना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि सबूतों के साथ छेड़छाड़ करके और मुकदमे में बाधा डालकर मामले को "बिगाड़े" जाने की पूरी आशंका है।

पुणे में अविनाश भोसले इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एबीआईएल) समूह के संस्थापक भोसले को यस बैंक-डीएचएफएल घोटाले में कथित भूमिका के लिए पिछले साल मई में गिरफ्तार किया गया था।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राणा कपूर के नेतृत्व में यस बैंक ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) को 3,983 करोड़ रुपये दिए थे।

उसने आरोप लगाया है कि उक्त राशि में से, डीएचएफएल ने सह-आरोपी संजय छाबड़िया के नेतृत्व वाले रेडियस समूह की तीन कंपनियों को कुल मिलाकर 2,420 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत और वितरित किया था।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि रेडियस समूह की कंपनियों को मंजूर किए गए ऋणों को निर्धारित उद्देश्य से इतर इस्तेमाल किया गया और वह डीएचएफएल के खाते में एनपीए (गैर-निष्पादित संपत्ति) बन गई और 2,130 करोड़ रुपये की बकाया देनदारी हो गई।

सीबीआई जांच के अनुसार, डीएचएफएल से ऋण की सुविधा के बदले रेडियस समूह से कथित तौर पर 350 करोड़ रुपये की रिश्वत भोसले को कंसल्टेंसी सेवाओं के भुगतान के रूप में मिली।

मुख्य आरोपी राणा कपूर मार्च 2020 में मामले में गिरफ्तारी के बाद से जेल में है।

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