कोलकाता, 30 जनवरी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीताराम येचुरी ने सोमवार को मांग की कि अडाणी मामले में अदालत की निगरानी में उच्चतम स्तर की जांच का आदेश दिया जाए।
येचुरी ने यह भी सवाल किया कि जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने किस आकलन के आधार पर इस कारोबारी समूह को कर्ज दिया।
माकपा की तीन दिवसीय केंद्रीय समिति की बैठक समाप्त होने के बाद यहां एक जनसभा में उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार को अडाणी समूह के शेयरों के मामले में अदालत की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच का आदेश देना चाहिए।"
एक फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बीच येचुरी ने मांग की कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार को सार्वजनिक निवेश की घोषणा करनी चाहिए जिससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने यह भी मांग की कि आवश्यक वस्तुओं पर ‘‘जीएसटी’’ को हटा दिया जाए और अमीरों की संपत्ति पर कर लगाया जाए।
अमेरिका आधारित हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह पर स्टॉक मूल्यों में फेरबदल करने सहित कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, अडाणी समूह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
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