नयी दिल्ली, 15 दिसंबर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की कोयला बाजार को लेकर ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार के चलते दुनियाभर में 2026 तक कोयले की मांग में गिरावट होने की संभावना है, जो इस साल सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
पहली बार रिपोर्ट में कोयले की खपत में गिरावट का अनुमान जताया गया है।
दुनियाभर में लगभग 40 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन कोयले से होता है जबकि शेष उत्सर्जन की वजह तेल और गैस को माना जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में दुनियाभर में कोयले की मांग में 1.4 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जिसकी मुख्य वजह भारत और चीन समेत उभरते व विकासशील देशों में ऊर्जा की मांग बढ़ना है।
रिपोर्ट के अनुसार 2023 तक अधिकांश विकसित देशों में कोयले के इस्तेमाल में गिरावट आने वाली है, जिसमें यूरोपीय संघ और अमेरिका शामिल हैं।
अमेरिका और यूरोपीय संघ दोनों ही तेल और प्राकृतिक गैस पर अधिक निर्भर हैं। उदाहरण के लिए, 2022 में अमेरिका में कुल ऊर्जा उत्पादन में तेल और प्राकृतिक गैस का हिस्सा क्रमश: 36 प्रतिशत और 33 प्रतिशत था।
रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि बेहतर स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु नीतियों की घोषणा और कार्यान्वयन करने वाले देशों की अनुपस्थिति में भी वैश्विक कोयले की मांग 2023 के स्तर की तुलना में 2026 तक 2.3 प्रतिशत कम हो जाएगी। यह गिरावट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के व्यापक विस्तार के कारण होगी।
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