विदेश की खबरें | दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला का 118 साल की उम्र में निधन
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ल्यूसिल रैंडन, जिन्हें सिस्टर आंद्रे के नाम से जाना जाता है, का जन्म 11 फरवरी, 1904 को दक्षिणी फ्रांस के एल्स शहर में हुआ था। वह दुनिया की सबसे उम्रदराज कोविड-19 से उबर चुके लोगों में से एक थीं।

प्रवक्ता डेविड टवेला ने कहा कि उनका निधन मंगलवार को देर रात करीब दो बजे टूलोन शहर में सेंटे-कैथेराइन-लेबोर नर्सिंग होम में हुआ।

‘जेरोन्टोलॉजी रिसर्च ग्रुप’ 110 या उससे अधिक उम्र के लोगों के विवरण को मान्यता देता है। समूह ने पिछले साल 119 वर्ष की उम्र में जापान के केन तनाका की मृत्यु के बाद रैंडन को दुनिया की सबसे बुजुर्ग ज्ञात व्यक्ति के रूप में सूचीबद्ध किया था।

सिस्टर आंद्रे जनवरी 2021 में अपने 117वें जन्मदिन से पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई थीं। लेकिन उन्हें संक्रमण के मामूली लक्षण थे, जिससे उन्हें संक्रमित होने का एहसास तक नहीं हुआ।

संक्रमण से उनके उबरने की फ्रांस समेत दुनिया भर में चर्चा हुई। दो विश्वयुद्धों की गवाह रहीं सिस्टर आंद्रे से पिछले साल अप्रैल में जब उनकी असाधारण लंबी उम्र के बारे में पूछा गया तो उन्होंने फ्रांसीसी मीडिया से कहा कि ‘‘काम करते रहना... आपको जीवंत बनाता है। मैंने 108 साल की उम्र तक काम किया।’’

उन्हें रोजाना एक ग्लास शराब लेना और चॉकलेट खाना पसंद था। ‘जेरोन्टोलॉजी रिसर्च ग्रुप’ द्वारा सूचीबद्ध दुनिया में सबसे उम्रदराज जीवित ज्ञात व्यक्ति अब अमेरिकी मूल की मारिया ब्रान्यास मोरेरा हैं, जो स्पेन में रह रही हैं और 115 वर्ष की हैं।

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